तन और मन की बीमारी ठीक करने के संकल्पों के साथ मनाया योग दिवस

निसं। कारोना काल में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की रूप रेखा बदली बदली  नजर आयी। इसी कड़ी में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के अन्तर्राष्ट्रीय मुख्यालय आबू रोड शांतिवन में सोशल डिस्टेसिंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परिसर में रहने वाले योग साधको ने करोना से महामारी से बचाव के लिए भी योग और राजयोग का अभ्यास किया।
प्रात: काल अन्तर्राष्ट्रीय योग प्रोटोकाल के तहत परिसर में रहने वाले योग साधकों ने प्राणायाम, अनुलोम विलोम, सूर्य नमस्कार समेत कई प्रकार के योग को योग विशेषज्ञों के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। इसके साथ ही मनोविकारों को दूर करने तथा आत्मा को पवित्र और सशक्त बनाने के लिए राजयोग ध्यान का भी अभ्यास कराया गया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संस्थान के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय ने कहा कि योग और राजयोग से तन और मन के विकार दूर हो जाते हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण तो यह हम केवल शरीर को ठीक करने के लिए ही योग के बारे में सोचते हैं। हम कभी भी मन की बीमारी को दूर करने के लिए अपने उपर ध्यान देने की जरूरत है। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज यूरोपियन सेवाकेन्द्रों की निदेशिका बीके जयन्ति ने कहा कि राजयोग और ध्यान ही एक ऐसी विधि है जिससे मन और आत्मा को पवित्र बनाया जा सकता है। इसलिए प्रतिदिन जीवन में राजयोग का अभ्यास करना चाहिए।
इस योग दिवस पर आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में ज्ञानामृत के प्रधान सम्पादक बीके आत्म प्रकाश समेत कई लोग उपस्थित थे।
मास्क और सोशल डिस्टेसिंग का पूरा ध्यान: इस योग डे पर मास्क और सोशल डिसस्टेसिंग का पूरा ध्यान रखा गया।
पूरे विश्व में वेबिनार के जरिए योग: ब्रह्माकुमारीज संस्थान ने देश के 140 सेवाकेन्द्रों पर स्थानीय बहनों ने वेबिनार आयोजित कर लोगों को घरों में योग और राजयोग का अभ्यास कराया गया। लोगों ने करोना कॉल में योग और राजयोग के फायदे के लिए भी योगाभ्यास कराया। इसमें करीब चालीस लाख लोग शामिल हुए।
कोई भ्ी कर सकता है राजयोग ध्यान: राजयोग ध्यान एक सहज प्रक्रिया है। जिससे हर कोई कर सकता है। चाहे बच्चा हो या बूढ़ा, अमीर हो या गरीब, स्त्री हो या पुरूष। सभी के लिए लाभदायक है।

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