मांग पूरी न होने पर गेस्ट टीचर्स दिल्ली में लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का अनुबंध खत्म होने के बाद 60 साल की पॉलिसी को लागू करने की मांग को लेकर हजारों गेस्ट टीचर्स रविवार को भी धरना प्रदर्शन पर बैठे रहे। दिल्ली भाजपा कार्यालय के बाहर धरने प्रदर्शन के 16वें दिन भी गेस्ट टीचर्स ने सरकार और विपक्ष के खिलाफ रोष व्यक्त किया। इस दौरान गेस्ट टीचर्स ने यह भी ऐलान किया कि अगले दो या तीन दिनों में उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो गेस्ट टीचर्स दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

गेस्ट टीचर्स के मुताबिक देर शाम उनकी ओर से इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण नाटक के माध्यम से प्रदर्शन किया, जिसमें ये संदेश देने की कोशिश की गई कि भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों ही राजनीतिक दल गेस्ट टीचर्स के साथ राजनीति कर रहे हैं। टीचर्स ने यह भी कहा कि दोनों राजनीतिक दलों को राजनीति से उठकर 22 हजार बेरोजगार टीचर्स और उनके परिवारों के बारे में सोच कर उन्हें रोजगार देना चाहिए।

ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी शोएब राणा का कहना है कि हम लोकतांत्रिक देश में हैं और हमारा संविधान हमें अधिकार देता है कि हम लोकसभा का चुनाव पूरे देश में कहीं से भी लड़ सकते हैं। वहीं उन्होंने बताया कि हाल ही में मेरठ में भी शिक्षकों ने लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। ठीक इसी प्रकार अब दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले टीचर्स भी दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

शोएब राणा ने बताया कि रविवार को इंडिया गेट पर नुक्कड़ नाटक के जरिए दिल्ली की जनता से भी अपील की गई कि वह गेस्ट टीचर्स का साथ दे और उन्हें बेरोजगार होने से बचाए, क्योंकि यहां सिर्फ 22 हजार टीचर्स का नहीं, बल्कि 22 हजार परिवारों की रोजी रोटी का सवाल है। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों के 15 लाख बच्चों के भविष्य का भी सवाल है।

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