वोट बनवाने के लिए कार्यालय में जाने की बजाय ऑन लाइन करें युवा आवेदन: एडीसी

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अतिरिक्त उपायुक्त एवं मतदाता जागरूकता अभियान की नोडल अधिकारी डॉ. संगीता तेतरवाल ने कहा कि नया वोट बनवाने या ठीक करवाने के लिए किसी को चुनाव कार्यालय में आने की जरूरत नहीं है। कोई भी व्यक्ति जो एक जनवरी 2019 को 18 वर्ष का हो चुका है, अपने घर बैठकर ही ऑनलाइन वोट बनवाने के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए एनवीएसपीडॉटआईएन वेबसाइट या फिर एनवीएसपी नामक एंड्रोएड एप का प्रयोग किया जा सकता है। मतदाता जागरूकता के लिए जिला में निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जा रहे स्वीप कार्यक्रम के तहत वो एपीजे कन्या महाविद्यालय में छात्राओं को संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि लोगों को समय बर्बाद होने के डर से चुनाव कार्यालय में आना पसंद नहीं होता है, जिसके कारण कई लोग वोट नहीं बनवाते हैं और लोकतंत्र का मूल ध्येय अधूरा रह जाता है। अब नया वोट बनवाने, वोटर कार्ड की गलतियों को ठीक करवाने या फिर एक स्थान से दूसरे स्थान पर वोट स्थानांतरित करवाने आदि के लिए चुनाव कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए केवल अपने एंड्रोएड फोन पर एनवीएसपी नामक एप डाउनलोड करने की आवश्यकता है। इस एप के माध्यम से कोई भी अपने घर बैठकर ही वोट से संबंधित कार्य करवा सकता है।

यही नहीं एनवीएसपीडॉटआईएन वेबसाइट के माध्यम से भी यह कार्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल वोट बनवाने तक सीमित नहीं रहना है। देश की मजबूती और विकास के लिए आने वाली 12 मई को प्रत्येक मतदाता का वोट जरूरी डालना है। उन्होंने कहा कि सभी मतदाता वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर चेक कर लें। अगर वोटर लिस्ट में नाम नहीं और किसी कारणवश नाम कट गया है तो तुरंत वोट के लिए आवेदन करें। वोटर लिस्ट में नाम न हो और वोटर कार्ड हो तो भी आपको वोट डालने का अधिकारी नहीं होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वोट डालने के लिए वोटर लिस्ट में नाम होना सबसे जरूरी है। अपने संबोधन में छात्राओं को अधिकारों के प्रति प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि लड़कियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा, तभी वे समाज में एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका को निभा सकती हैं। वोट देने का भी ऐसा ही एक अधिकार है, जिसके प्रति महिला वर्ग को सक्रिय भागेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ यही है कि आप अपने विचारों और दृष्टिकोण के अनुसार सही उम्मीदवार का चुनाव करें, जिससे कि संसद या विधानसभा में आपका जनप्रतिनिधि आपकी आवाज बन सके। कार्यक्रम में शिक्षक अनिल, संजय शास्त्री, शमशेर सिंह व चुनाव कानूनगो सतीश शर्मा ने भी अपने विचार रखें।

उन्होंने कालेज की प्रधान कविता की यह जिम्मेदारी लगाई कि वो छात्राओं के वोट बनवाएंगी और उनको वोट डालने के लिए भी प्रेरित करेंगी। उन्होंने कहा कि लड़कियां वोट बनवा लेती हैं तो विवाह के पश्चात बड़ी आसानी से उसे स्थानांतरित करवाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि दादरी व बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र के 471 में से 264 बूथों पर यह अभियान पूरा कर लिया गया है। जिला के 2 लाख 38 हजार 607 मतदाताओं तक इसे पहुंचाया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि इस बार बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र में 3515 व दादरी में 3412 सहित कुल 6927 नए वोट बने हैं। नौजवान मतदाता दादरी में 1890 व बाढड़ा में 2735 नए जुड़े हैं। दादरी हलका में 97 हजार 817 पुरूष व 85 हजार 992 महिलाएं सहित कुल एक लाख 83 हजार 899 वोट हैं। इसी तरह बाढड़ा में 95 हजार 242 पुरूष व 84 हजार 622 महिलाओं सहित एक लाख 79 हजार 914 वोटर हैं।

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