लू के थपेड़ों से लोगों का हाल-बेहाल, सबसे ज्यादा हो रही आंखों में तकलीफ; इस तरह बचाएं अपनी आंखें

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देश के कई शहरों का टेम्प्रेचर 45 डिग्री से पार चला गया है। ऐसे में बाहर निकलते हैं तो सूरज की चमचमाती किरणें और गर्म हवाएं हमारी आंखों को काफी नुकसान पहुंचाती हैं। गर्म हवाओं से आंखों की नमी सूखती है और ज्यादा देर तेज धूप में रहने से आंखों में एलर्जिक रिएक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।

वहीं, दूसरी तरफ गर्मी से बचने के लिए कई लोग ज्यादातर समय AC में रहना पसंद करते हैं। ऐसे लाेगों को बता दें कि ज्यादा देर AC में भी बैठने से भी आंखें ड्राई होती हैं।

आज की जरूरत की खबर में जानते हैं, धनबाद के सीनियर कंसलटेंट आप्थाल्मालॉजिस्ट, डॉ. मनीष नारायण से कि आंखों को गर्मी और AC की डॉयनेस से कैसे बचा सकते हैं…

सवाल: तेज धूप से आंखों पर किस तरह का असर होता है?
जवाब: दरअसल, गर्मियों की तेज धूप में Ultraviolet radiation तीन गुना ज्यादा होती है, जिसका असर आंखों पर काफी ज्यादा पड़ता है। तेज धूप में UV किरणों से आंखों के ऊपर बनी टीयर सेल यानी आंसुओं की परत टूटने या क्षतिग्रस्त होने लगती है।

यह स्थिति कॉर्निया के लिए हानिकारक हो सकती है। इस मौसम में बाहर उड़ने वाली धूल आंखों में एलर्जी पैदा करती है। इसके गर्मी के कारण टीयर्स, यानी आंसू सूख जाते हैं, जिससे लोगों को आंखों में ड्राइनेस की सबसे ज्यादा परेशानी होने लगती है।

सवाल: ड्राइनेस के साथ और क्या परेशानी होती है?
जवाब: आंखों में एलर्जिक रिएक्शन होने की वजह से आंखों में जलन होना, आंखें लाल हो जाना, आंखों से पानी आना, आंखों में चुभन होना, कंजक्टिवाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

लू से आंखों में होने वाली समस्याएं को डिटेल में इस तरह समझते हैं…

कंजक्टिवाइटिस (आंखें लाल होना): गर्मियों में कंजक्टिवाइटिस की समस्या बहुत बढ़ जाती है। यह एक तरह का इन्फेक्शन होता है, जो पलक की आंतरिक सतह पर स्थित पतली, पारदर्शी झिल्ली में सूजन के कारण होता है। इसमें आंखें गुलाबी या लाल हो जाती हैं। आंखों से पानी या गाढ़ा स्राव निकलता है। आंखों में खुजली और असामान्य मात्रा में आंसू निकलते हैं।

जानिए इससे कैसे बचें

साफ-सफाई का खास ख्याल रखें।
भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएं।
दूसरे का तौलिए, नैपकिन, तकिए इस्तेमाल न करें।
खाने या किसी चीज को छूने से पहले अपने हाथ धो लें।
ड्राई आई (सूखी आंखें): गर्म और सूखे मौसम के कारण ड्राई आई की समस्या हो जाती है, क्योंकि आंखों की टियर फिल्म तेजी से सूख जाती है। इससे आंखों में जलन और खुजली की समस्या होती है। जिन लोगों को पहले से ही यह समस्या है, उनकी परेशानी और बढ़ जाती है

इससे कैसे बचें

लुब्रिकेंट आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें।
बहुत ज्यादा AC में रहने से बचें।
पानी और दूसरे पेय का सेवन अधिक मात्रा में करें।
आई एलर्जी: गर्मियों में पॉल्यूशन बढ़ जाता है, जिससे आंखों में एलर्जी होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में आंखें लाल हो जाती हैं, आंखों से पानी निकलता है और खुजली की समस्या होती है।

इससे कैसे बचें

तेज धूप, धूल और पॉल्यूशन वाली जगहों में जाने से बचें।
घर से बाहर जाएं तो गॉगल लगाएं।
दिन में 2-3 बार आंखों को ठंडे पानी से धोएं।
Pterygium का खतरा: अधिक टेम्प्रेचर आंखों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। कुछ रोगियों को फोटोफोबिया जैसी समस्या भी होती है। यदि एक्सपोजर लंबा है तो इससे कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है। Pterygium जैसी समस्या हो सकती है। इसमें आंखे के सफेद हिस्से के टिश्यू जरूरत से ज्यादा बढ़ जाते हैं और आंखों के काले हिस्से तक पहुंच जाते हैं। लू की वजह से डिहाइड्रेशन हुआ तो आंखों में दर्द और जलन हो सकती है।

लू से आंखों को बचाने के लिए ये उपाय कर सकते हैं

आंखों को डायरेक्ट लाइट से बचाएं
लू से आंखों को बचाने के लिए सनग्लासेस, कैप, स्कार्फ या छाते का इस्तेमाल करें। अच्छी क्वालिटी के पोलराइड सनग्लासेस ही पहनें, ताकि अल्ट्रावॉयलेट किरणें डायरेक्ट आपकी आंखों तक न पहुंचे। बाहर निकलते समय टोपी भी पहनें। टोपी न सिर्फ आपके सिर की सुरक्षा करती है, बल्कि आंखों को लू से भी बचाती है।

लुब्रिकेंट आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें
गर्मियों में आंखों से नेचुरल आंसू काफी कम होने लगते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप आंखों की नमी बनाए रखने के लिए लुब्रिकेंट आई ड्रॉप का उपयोग करके अपनी आंखों को नमी दें।

डिहाइड्रेशन से बचें
डिहाइड्रेशन के कारण टियर ग्लैंड्स पर्याप्त मात्रा में आंसू नहीं बना पाती हैं, जो हमारी आंखों में नमी बनाए रखने के लिए जरूरी है। ड्राई आई के कारण आंखों से संबंधित दूसरी समस्याएं भी हो जाती हैं। बहुत जरूरी हो तो इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ ढेर सारा पानी पिएं।

साफ-सफाई से रहें
गर्मियों में पसीना अधिक आता है, इसलिए पैरासाइट और बैक्टीरिया के संपर्क का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अगर गंदे हाथों से आंखों को रगड़ेंगे तो पैरासाइट आंखों के संपर्क में आ जाएंगे। इसके कारण एलर्जी और संक्रमण हो सकता है। इसलिए आंखों को स्वस्थ रखने के लिए साफ-सफाई का ख्याल रखें। हाथ थोड़े से भी गंदे हों तो उन्हें तुरंत धो लें।

हेल्दी डाइट लें
आंखों को स्वस्थ रखने में हमारा खान पान भी बहुत जरूरी है। आंखों की कोशिकाओं और रेटिना को मजबूती प्रदान करने में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन तत्वों की अहम भूमिका है। इसलिए रसीले फल और सब्जियां जैसे खरबूज, तरबूज, खीरा पर्याप्त मात्रा में खाएं। इसके अलावा डेयरी प्रोडक्ट भी अच्छी मात्रा में खाएं।

अच्छी नींद लें
छह से आठ घंटे की आरामदायक नींद लें। ये आपकी आंखों को प्राकृतिक तरीके से तरोताजा रखने में सहायता करती हैं।

अब अंत में जानते हैं कि

सवाल: AC में ज्यादातर रहने पर आंखों पर किस तरह का असर होता है?
जवाब: गर्मी से बचने के लिए हम AC का सहारा लेते हैं, लेकिन ज्यादा देर इसमें बैठने से आंखों में सूखापन आ जाता है। AC के चलते हवा में नमी खत्म हो जाती है, जिसके कारण आंखों में रूखापन रहता है। बहुत कम टेम्प्रेचर में लंबे समय तक रहने पर आंखों से आंसू निकलना भी मुश्किल हो जाता है। साथ ही आंखों की पेशियां सिकुड़ने से उनमें खुजली होने लगती है। इससे आंखों में सूखापन, लालपन, खुजली, जलन, दाग-धब्बों, सिरदर्द और कमजोर नजरों की समस्या होती है।

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