गोली चलाने वाले अभी भी फरार, फिर भी ‘क्राइम अंडर कंट्रोल’?

चंडीगढ़. तीन दिन में शहर में दो बार सरेआम फायरिंग हुई। सेक्टर-33 में शराब ठेकेदार अरविंद सिंगला के घर पर 17 गोलियां और सेक्टर-9 में पांच गोलियां चलीं। दोनों ही मामलों में बदमाश आराम से फरार हो गए, इसके बावजूद प्रशासन के बड़े अफसर छाती ठोक कर दावा रहे हैं कि चंडीगढ़ में क्राइम ‘अंडर कंट्रोल’ है।
बुधवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनोर की मीटिंग के बाद पुलिस ने प्रेस नोट जारी किया। दावा किया कि क्राइम ब्रांच ने जीरकपुर के गुरसेवक को 8 कारतूस और एक देसी कट्टे समेत गिरफ्तार कर लिया है। अब क्राइम अंडर कंट्रोल है और पहले से कम भी। लेकिन असलियत में पुलिस ने सिर्फ उस आरोपी को पकड़ा है, जिसने लॉरेंस बिश्नोई के कहने पर हमलावरों को गाड़ी दी थी। पुलिस गोली चलाने वालों को अभी तक नहीं पकड़ सकती है। पुलिस ने चंडीगढ़ के गांव सारंगपुर निवासी काला सारंगपुरिया को हिरासत में लिया है। कुछ कारतूस भी बरामद हुए हैं। अरविंद सिंगला के भाई के घर पर गोली चलाने वाले आरोपियों को जीरकपुर से आगे पंजाब बॉर्डर पार करवाने में काला की भूमिका रही है। गोली चलाने वालों ने गुरप्रीत की कार गुरसेवक के हवाले की तो उसके बाद गोली चलाने वाले काला के साथ बैठकर आगे पंजाब रवाना हुए थे। खबर लिखे जाने तक पुलिस ने काला की गिरफ्तारी नहीं डाली थी, हालांकि उसे हिरासत में ले लिया गया है। प्रशासक के साथ हुई मीटिंग में डीजीपी ने कहा कि सेक्टर-33 के गोलीकांड में पुलिस ने एक आरोपी गुरसेवक को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा शहर में पिछले 1 साल में अपराध के मामलों में कमी आई है। लूट की वारदातों में 67 फीसदी की कमी हुई है। 8-9 मर्डर केस सुलझाए गए हैं और स्नैचिंग की वारदातों में 50 फीसदी तक की कमी हुई है। 17 गोलियां चलने के मामले में पुलिस जिस गुरसेवक को पकड़कर वाहवाही लूटने का ‘प्रयास’ कर रही है, उसने सिर्फ गोली चलाने वालों को कार दिलवाई थी। इसके बाद बदमाशों ने सिंगला की कोठी पर गोलियां चलाईं। गोलियां चलाने वालों में से एक भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। वहीं, सेक्टर-9 के ठेके पर फायरिंग के मामले में भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *