गोलीबारी के जरिए घुसपैठियों को भारत भेजने की कोशिश में पाकिस्तान,

श्रीनगर. गलवान में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प को पाकिस्तान मौके के तौर पर देख रहा है। 15 जून के बाद से ही सीमा पार से गोलीबारी काफी बढ़ गई है और घुसपैठ की कोशिशें की जा रही हैं। हमारे सैनिक दुश्मन के हर हमले का माकूल जवाब दे रहे हैं। इसी बीच सोमवार सुबह हवलदार दीपक कार्की दुश्मन से लड़ते हुए शहीद हो गए।

5 जून से लेकर अब तक हमारे 4 सैनिक शहीद हो चुके हैं। हमारी सेना के जवान हाई अलर्ट पर हैं। फॉरवर्ड एरिया में भारतीय सेना की यूनिट्स तैनात हैं। जवान पाकिस्तान के हर मूवमेंट पर नजर गढ़ाए हुए हैं। सोमवार शाम 6.15 बजे भी पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किया गया।

लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन के साथ तनाव जारी है। इसी बीच 740 किमी लंबी लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर पाकिस्तान के साथ भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। गलवान में भारत और चीन के सैनिकों के बीच 15-16 जून की रात हिंसक झड़प हुई थी, तब से ही पाकिस्तान ने भी गोलीबारी बढ़ा दी।

उड़ी से लेकर नौशेरा सेक्टर तक में पाकिस्तान की तरफ से कई बार गांवों में भी गोलीबारी की जा रही है। 20 जून को बीएसएफ जवानों ने एक ड्रोन को मार गिराया था। इस ड्रोन के जरिए आतंकवादियों तक गोला-बारूद और हथियार पहुंचाए जा रहे थे।

पहले से ही तैनात थे पाकिस्तानी सैनिक 
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एलओसी के राजौरी और पुंछ सेक्टर के करीब पाकिस्तानी आर्मी ने काफी पहले से ही जवानों को तैनात किया था, जिनके पास हैवी कैलिबर बंदूकें थीं। भारत और चाइना के बीच हुई झड़प के बाद पाकिस्तानी सेना जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों में मोर्टार के गोले दागने लगी और सिविलयन एरिया के साथ ही सैन्य क्षेत्रों को भी निशाना बनाने की कोशिश कर रही है। पिछले एक हफ्ते में पाकिस्तानी सेना ने खासतौर पर दक्षिण में पीर पंजाल और उत्तर कश्मीर में भारतीय सेना को उकसाने का काम किया है।

कश्मीरी गेट, बालाकोट, शाहपुर किरनी, खारी करमा, नोहेरा और मनकोट सेक्टर में गोलीबारी की ज्यादा घटनाएं सामने आ रही हैं। जून में एलओसी पर सीमा उल्लंघन की 140 घटनाएं हुईं। हर रोज सात से आठ बार सीजफायर उल्लंघन किया गया। वहीं जनवरी से लेकर अभी तक पाकिस्तान से लगी सीमा पर सीजयफायर उल्लंघन के 250 से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इस बीच भारी-भरकम हथियारों से लैस चार घुसपैठियों को भारतीय सेना ने मार गिराया।

एक महिला की मौत हुई, दो दर्जन परिवारों को शिफ्ट किया
सीमा पर हुई इन झड़पों में कई नागरिकों के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। पाकिस्तान की ओर से मोर्टार के गोले दागे गए। कुपवाड़ा और बारामूला में भी पिछले कई दिनों से तनाव बना हुआ है। उड़ी सेक्टर के तहत आने वाले गांव में पिछले हफ्ते एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से ज्यादा परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

गांव के लोगों का कहना है कि 1999 के बाद से उन्होंने क्षेत्र में इतनी भारी गोलीबारी नहीं देखी थी। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों के लोग लगातार बंकर निर्माण की मांग कर रहे हैं। लॉकडाउन लगने के पहले एलओसी से लगने वाले जिलों की सीमा में 6581 बंकर का निर्माण पूरा कर लिया गया था। इनमें 5867 इनडिविजुअल और 714 कम्युनिटी बंकर हैं। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर बॉर्डर एरिया के लिए 14,460 बंकर निर्माण को स्वीकृति दी है। इसके लिए 415.73 करोड़ रुपए दिसंबर 2017 में स्वीकृत किए गए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *