देश को ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाना ही मेरा एकमात्र लक्ष्य – बजरंग पुनिया

झज्जर ,समाचार क्यारी (त्रिपाठी): झज्जर जिला के गांव में हो रहे सामाजिक कार्यक्रम में पहुंचे पहलवान बजरंग पुनिया से समाचार क्यारी के संवाददाता संजीव ने बातचीत की आपको बता दें कि बजरंग पुनिया गुड्डन गांव के ही रहने वाले हैं और हाल ही में वर्ल्ड यूनाइटेड रैंकिंग रेसलिंग में 65 किलोग्राम वर्ग में उन्हें प्रथम स्थान दिया गया है ।
रैंकिंग के बाद अब आगे आप का लक्ष्य क्या होगा
 फिलहाल तो मेरा लक्ष्य एशियन चैंपियनशिप है जो कि 23 मई को चाइना में शुरू होने वाली है क्योंकि सबसे पहले फिलहाल यही चैंपियनशिप है और हम बहुत जल्द इस के लिए रवाना होने वाले हैं इसलिए इसलिए मैं कोशिश होगी कि हम अपना लक्ष्य गोल्ड के साथ पूरा करते हुए वापस लौटे । एशियन चैंपियनशिप के बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी शुरू करनी है क्योंकि इस बार ओलंपिक क्वालीफाई करने के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप से ही सिलेक्शन  की शुरुआत हो जाएगी । क्वालीफाई के बाद सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण लक्ष्य होगा ओलंपिक में देश को पदक दिलाना ।
देश में इस वक्त आपके काफी प्रशंसक हैं और आप की तुलना योगेश्वर से करते हैं आपका क्या मानना है
मुझे बहुत खुशी है कि मेरी तुलना योगेश्वर से की जाती है और मैं पूरी कोशिश करूंगा कि लोगों की भावनाओं और उम्मीदों को पूरा करते हुए देश को जितना ज्यादा हो सके उतने पदक दिलाओ मेरी कोशिश होगी कि मेरा पदक इस बार स्वर्ण के रंग से रंगा हुआ हो ।
ग्रामीण क्षेत्र से होने के कारण इस मुकाम तक पहुंचने के लिए आपको किन मुश्किलों का सामना करना पडा
सच कहूं तो मुझे ऐसी किसी मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ा क्योंकि दूध भी घर में ही हुआ करता था और परिवार और गांव के साथ की वजह से कोई भी मुश्किल मेरे और मेरी मंजिल के बीच नहीं आ पाई हां एक खिलाड़ी का परिवार होने के कारण मेरे परिवार को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन पूरे गांव के साथ के कारण वह दिन भी आसानी से कट गए । आपको बता दें कि बजरंग पुनिया एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक और विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक देश के नाम करवा चुके हैं जिसके बाद हाल ही में उन्हें वर्ल्ड यूनाइटेड रैंकिंग में प्रथम स्थान दिया गया है ।

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