रोहतक कांड से बडी खबर का हुआ खुलासा, आई दिल दहला देने वाली खबर

:– 3 साल के सरताज ने भी गवाह दी अपनी जान

समाचार क्यारी,रोहतक:-

जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड की परतें उखड़ने लगी हैं। सोमवार को जहां रोहतक पुलिस तिहाड़ जेल में बंद पांच लोगों की हत्या के आरोपी सुखविंदर को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई, दूसरी तरफ गोली लगने से घायल अमरजीत ने भी अपना मुंह खोला।

साथ ही खुलासा हुआ है कि आरोपी रेसलिंग कोच 7 नहीं, बल्कि 10 लोगों की हत्या करना चाहता था। उसने महिला पहलवान सहित तीन और लोगों को भी कॉल करके बुलाया था, लेकिन वे आरोपी की बातों नहीं आए।हत्याकांड की जांच एसआईटी ने जिला अदालत में याचिका दायर की थी कि जाट कालेज अखाड़ा हत्याकांड का आरोपी दिल्ली की तिहाड़ जेल में आर्म्ज एक्ट के तहत बंद है।

उसे वारदात की जांच के लिए हिरासत में लेने की अनुमति दी जाए। कोर्ट की अनुमति से सोमवार दोपहर पुलिस दिल्ली पहुंची और आरोपी को शाम छह बजे हिरासत में लेकर रोहतक आई।

उसे तत्काल इलाका मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है।………..महिला पहलवान सहित तीन नहीं आए झांसे में, बच गई जानमामले की जांच से सामने आया है कि वारदात के समय आरोपी सुखविंदर के सिर पर खून सवार था।

उसने एका-एक ऐसे 10 लोगों को चयनित किया था, जिनकी उसने हत्या करनी थी। कोच मनोज मलिक, उनकी पत्नी साक्षी मलिक, इनका 3 साल का बेटा सरताज, कोच सतीश दलाल, पूजा खिलाड़ी, कोच प्रदीप सहित कोच अमरजीत को गोली मारने के अलावा भी आरोपी की ब्लैक लिस्ट में तीन और नाम शामिल थे।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कोच अमरजीत को फोन करने के अलावा आरोपी सुखविंदर ने एक महिला खिलाड़ी और 2 अन्य लोगों को भी फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। तीनों को उसने कई बार फोन किए, लेकिन वे आरोपी की बातों में नहीं आए।……सुखविंदर ने मुझे नहीं, मेरी 20 साल की दोस्ती को गोली मारीशुक्रवार का दिन मैं जिंदगी भर नहीं भूल पाउंगा।

क्योंकि उस दिन गोली मुझ पर नहीं, बल्कि मेरी 2001 से अभी तक की दोस्त पर गोली लगी थी। सुखविंदर से मेरी मुलाकात साल 2001 में हुई थी। जब हम पूर्व डीजीपी महेंद्र सिंह मलिक के जींद के निडानी गांव स्थित कुश्ती अखाड़े में थे। सुखविंदर मेरा जूनियर था।

2008 में सुखविंदर की पहचान मनोज मलिक के साथ हुई थी। वहां के बाद सुखविंदर, मनोज और सतीश दलाल ने मिलकर अखाड़ा चलाया। हम सब 2008 में रोहतक के मेहर सिंह अखाड़े में कोचिंग देने लगे। आपको बता दें कि इस कांड में 3 साल ‌के सरताज को भी गोली लगी जिसके कारण वह भी अपनी जान से हाथ धो बैठा।

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