साढ़े चार साल में किसानों को दिया साढ़े चार हजार करोड़ रूपये मुआवजा : धनखड़

झज्जर, समाचार क्यारी,  संजय शर्मा, रवि कुमार :-पिछली सरकारों ने 15 साल में 1500 करोड़ रूपये जबकि प्रदेश में भाजपा सरकार ने मात्र साढ़े चार साल के कार्यकाल में किसानों को फसल मुआवजा के रूप में साढ़े चार हजार करोड़ रूपये देते हुए खेती किसानी को जोखिम फ्री बनाने का काम किया है। प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री औम प्रकाश धनखड़ ने शुक्रवार को सीआईआई द्वारा झज्जर में आयोजित उन्नतशील किसान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
श्री धनखड़ ने कहा कि पीएम मोदी के सपने को साकार करने के लिए  वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में हरिणाणा सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत फसलों का संरक्षित मूल्य को बढ़ाया है। किन्नू जैसी नई फसलों को भावांतर भरपाई योजना में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने कार्यक्रम में आयोजित प्रदर्शनी में उन्नतशील किसानों के जैविक फसल उत्पाद व आधुनिक कृषि यंत्रों  का अवलोकन भी किया। श्री धनखड़ ने कृषि के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले उन्नतशील किसानों को सम्मानित किया।
— अब खेत में नहीं, सरकारी खजाने पर आती है आपदा
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने उन्नतशील किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि इनेलो व कांग्रेस के 15 वर्ष के शासनकाल में किसानों को मुआवजे के रूप में केवल 1500 करोड़ रूपये मिले, जबकि  हमारी सरकार ने किसानों को फसल मुआवजे के रूप में साढ़े चार साल में 4500 करोड़ रूपये देते हुए किसानों को जोखिम फ्री बनाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया है। किसान को अब कम से कम 500 रूपये का मुआवजा देने का निर्णय किया है। आगजनी, नहर टूटने व नहर के ओवरफ्ïलो होने के कारण जल भराव से फसल खराबे को भी आपदा में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि गन्ने का मूल्य देशभर में सबसे ज्यादा हरियाणा सरकार ने दिया है। इस वर्ष देश में केवल हरियाणा सरकार ने गन्ने का भाव बढ़ाया। बाजरा 1950 व सरसों 42 सौ रूपये प्रति क्विंटल खरीदी। मंडी में पंहुचा बाजरे व सरसों का एक-एक दाना सरकार ने खरीदा है।
— भावांतर भरपाई योजना का बढ़ाया संरक्षित मूल्य
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत टमाटर व आलू का पांच-पांच रूपये तथा गोभी व प्याज का छह-छह रूपये संरक्षित मूल्य कर दिया है। किसान को कम से कम यह मूल्य अपनी उपरोक्त फसलों का अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष में भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को 12 करोड़ रूपये दिए हैं। इस वर्ष योजना के तहत 25 करोड़ रूपये देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि किसान हित में भावांतर भरपाई योजना में किन्नू जैसी अन्य फसलों को शामिल करने पर सरकार विचार कर रही है।
— किसान अपने उत्पादन को बेचना सिखें
    कृषि मंत्री ने कहा कि हमारे किसान उत्पादन में अग्रणी है अपनी आय को बढ़ाने के लिए बेचना भी सीखना होगा। खेती के साथ उद्यमशीलता जरूरी है।  किसान बाजार की मांग के अनुसार फसलों की बिजाई करें। दिल्ली व गुरूग्राम का बाजार हमारे नजदीक है। दिल्ली के बाजार मेंं इस क्षेत्र के हमारे किसान व पशु पालक भाई  ताजा फल, फूल, सब्जी, और दूध जैसे उत्पाद बेचकर अच्छी आमदनी कर सकते हैं। सरकार गुरूग्राम व गन्नौर में किसानों को अपने उत्पाद बेचने के अच्छा प्लेटफार्म उपलब्ध करवाएगी।
— पशु नस्ल सुधार के लिए प्रमाणीकृत सांड व झोटे
     कृषि मंत्री श्री धनखड़ ने कहा कि पशु पालन विभाग ने  दूध उत्पादन के लिए पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम शुरू किया है। अब सभी बछडिय़ों व कटडिय़ों का पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए विशेष प्राधिकरण स्थापित किया गया है। नस्ल सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत गाय केवल बछड़ी पैदा करेंगी। सरकार दुध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इजरायल व ब्राजील के सहयोग से उत्कृष्टïता केंद्र स्थापित कर रही है।  सरकार का लक्ष्य प्रदेश को  प्रति व्यक्ति दूध उत्पादन में नंबर एक पर पंहुचाना है।
—उन्नतशील किसानों को किया सम्मानित
 भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई )द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने क्षेत्र के उन्नतशील किसानों को सम्मानित किया। किसान सीलकराम, विनोद गुलिया, जयपाल फौगाट, धर्म सिंह फौगाट व महिला श्रेणी में नीलम आर्य को सम्मानित किया। कृषि मंत्री ने कहा कि इस वर्ष 12 किसानों को पदमश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इनमें तीन किसान हरियाणा से हैं। उन्होने कहा कि हमने फसल उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए किसानों, डेयरी उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों,सर्वश्रेष्ठï पशुधन को भी लाखों रूपये के ईनाम देकर सम्मानित किया है।
इस अवसर पर डीडीपीओ हरि सिंह श्योराण, संयुक्त निदेशक बागवानी जोगेंद्र सिंह, सीआईआई के रमेश मित्तल, राहुल जैन, जिला परिषद चेयरमैन परमजीत सौलधा, वाईस चेयरमैन योगेश सिलानी, कृषि विवि हिसार प्रबंधन बोर्ड सदस्य आनंद सागर, योगेंद्र सिंह, अशोक राठी, विनोद, प्रकाश धनखड़, कृषि उपनिदेशक डॉ इंद्र सिहं, जिला बागवानी अधिकारी आर एस अहलावत सहित अन्य विभागीय अधिकारी और उन्नतशील किसान उपस्थित रहे।

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