केंद्र सरकार ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद पड़ोसी मुल्क पर चौतरफा दबाव बनाने के लिए घाटी में मौजूद पाकिस्तान परस्त तंत्र को खत्म करने की कर दी कवायद तेज

केंद्र सरकार ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद पड़ोसी मुल्क पर चौतरफा दबाव बनाने के लिए घाटी में मौजूद पाकिस्तान परस्त तंत्र को खत्म करने की कवायद तेज कर दी है। अलगाववादियों, जमात-ए-इस्लामी और पत्थरबाजों के खिलाफ सख्ती उसी का नतीजा है। इन पर पाकिस्तान से आने वाले आतंकियों को मदद पहुंचने, शरण देने के साथ ही स्थानीय युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का आरोप है।

सरकार अब पाक आतंकियों के मददगारों को किसी भी सूरत में छोड़ने के मूड में नहीं है। सूत्रों के अनुसार, पूरे कश्मीर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, हाल के वर्षों की सबसे अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। पाकिस्तान और उसके मददगारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भारत को चीन को छोड़कर अमेरिका, रूस, जर्मनी, फ्रांस समेत लगभग सभी देशों का समर्थन मिल गया है।

सूत्रों के अनुसार, हालात भारत के पक्ष में हैं, लेकिन पाकिस्तान को कब सबक सिखाया जाएगा, कैसे और किस तरह से, यह पूरी तरह गुप्त रखा जा रहा है। वहीं, सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सर्जिकल स्ट्राइक से भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि इस बार पाकिस्तान सर्जिकल स्ट्राइक से बचने के कदम उठा चुका है।

विशेषज्ञों मानना है कि भारत के पास पाकिस्तान को जबरदस्त नुकसान पहुंचाने की पूरी क्षमता है। हमारी थलसेना, वायुसेना और जलसेना पाकिस्तान से कहीं बेहतर व मजबूत हैं। हमारे हवाई जहाज 15-20 मिनट के नोटिस पर पाकिस्तान के अंदर हमले कर सुरक्षित वापस लौटने में समर्थ हैं।

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