‘आप’ से गठबंधन का सवाल ही पैदा नहीं होता

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चंडीगढ़ : हरियाणा में दिनभर सोशल मीडिया पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन की चर्चाएं चलती रही। शाम को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर ने यह कहकर गठबंधन की संभावना को विराम लगा दिया कि कोई किंतु-परंतु नहीं हम हरियाणा में अकेले चुनाव लड़ेेंगे हमने पार्टी हाईकमान को बताया दिया है कि कांग्रेस को किसी के साथ गठबंधन करने की जरूरत नहीं है। हरियाणा में पार्टी सभी 10 सीटें जीत जाएगी।

कांग्रेस सूत्रों का कहना था कि गठबंधन की अफवाहें आम आदमी की हरियाणा इकाई द्वारा फैलाई गई थी जिसमें कोई दम नहीं है। कांग्रेस हरियाणा में बहुत मजबूत स्थिति में है जबकि आम आदमी पार्टी कभी कांग्रेस तो कभी जेजेपी के साथ गठबंधन की चर्चाएं चलाकर लोगों को भ्रमित कर रही है। हरियाणा में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक दूरियां बरकरार रहेंगी। दिल्ली में आप और कांग्रेस के बीच गठजोड़ के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि हरियाणा में भी दोनों दलों के बीच गठबंधन हो सकता है। लेकिन, अब लगभग साफ हाे गया है कि हरियाणा में कांग्रेस चुनाव में आप से कोई समझौता नहीं करेगी।

गठजोड़ की संभावनाओं को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर खेमों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। दिल्ली में समझौते के बाद आम आदमी पार्टी चार और कांग्रेस तीन लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। केरल के दौरे से लौटते ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस गठबंधन पर अपनी सहमति की मुहर लगा सकते हैं। चर्चा चल रही थी की दिल्ली में समझौते के बाद हरियाणा में भी समझौता हो जाएगा। कांग्रेस हाईकमान ने हरियाणा के प्रमुख पार्टी नेताओं से जब इस बारे में राय ली तो सभी ने एक राय होकर गठबंधन करने से साफ इन्कार कर दिया है।

हुड्डा और तंवर ने हाईकमान को रिपोर्ट दी है कि कांग्रेस फिलहाल छह से अधिक सीटें जीतने की स्थिति में है, इसलिए गठबंधन की कोई जरूरत नहीं है। यदि दोनों दलों के बीच गठबंधन हुआ तो विधानसभा चुनाव में दिक्कत आ सकती है। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी और जननायक जनता पार्टी के बीच गठबंधन के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अभी तक दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर पेंच फंसा हुआ था। जींद उपचुनाव दोनों दलों ने मिलकर लड़ा है।

जननायक जनता पार्टी पहले आठ सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन अब वह छह सीटों के लिए तैयार हो गई है। आम आदमी पार्टी के हिस्से में चार सीटें आ सकती हैं। जेजेपी की कोशिश है कि आम आदमी पार्टी को तीन सीटों पर लड़ने के लिए किसी तरह राजी कर लिया जाए। इस पर आम आदमी पार्टी की हरियाणा इकाई अपने कार्यकर्ताओं से राय लेने में जुटी है। इस बात का आकलन भी किया जा रहा है कि यदि आप और जेजेपी के बीच गठबंधन होता है तो इसमें किस राजनीतिक दल को कितना फायदा होगा।

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