पुलवामा आतंकी हमला: सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत

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पुलवामा की घटना के बाद देश में बने माहौल को देखते हुए सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत हैं। सरकार में तेजी है और भाजपा नेतृत्व भी अपने कार्यकर्ताओं को संदेश दे रहा है कि जल्द ही बड़ी कार्रवाई होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शनिवार को राजस्थान में पार्टी की विजय संकल्प रैली में दो टूक कहा कि इस बार हिसाब बराबर होगा।

देश में पांच मार्च से दस मार्च के बीच लोकसभा चुनावों की घोषणा होनी है, लेकिन माहौल पर राजनीति से ज्यादा पुलवामा की घटना हावी है। जनता में आक्रोश है और वह बड़ी कार्रवाई की तरफ  देख रही है। दूसरी तरफ भाजपा नेता भी लगातार बड़ी व कड़ी कार्रवाई की बात कह रहे हैं। चुनावों को लेकर बनी भाजपा की विभिन्न समितियों की बैठकों में भी पुलवामा की घटना की चर्चाएं हैं। सूत्रों के अनुसार माहौल को देखते हुए भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को भी भरोसा दे रही है कि मार्च में बड़ी कार्रवाई होने जा रही है।

पुलवामा के इर्द गिर्द तैयारी
इस माहौल में भी सभी दल चुनावी तैयारियों में तो जुटे हैं। नए गठबंधन, सीटों के तालमेल सभी काम चल रहे हैं, लेकिन जो चुनावी राजनीतिक माहौल 14 फरवरी के पहले चरम पर था, वह बेहद नीचे आया है। भाजपा में हाल के एक आकलन में यह बात सामने आई है कि जनता में चुनाव से ज्यादा चर्चा पुलवामा की घटना की है। ऐेसे में कार्यकर्ताओं को चुनावी माहौल बनाए रखने के लिए भाजपा पुलवामा के शहीदों को याद करके ही सारे कार्यक्रम कर रही है।

चुनाव न होते तो भी दिया जाता जवाब
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि इस सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। जब इतनी बड़ी घटना हुई है तो चुप नहीं रहा जा सकता है। जबाब देने के लिए लंबा इंतजार भी नहीं किया जा सकता है। इस नेता ने साफ किया कि बात युद्ध की नहीं है, लेकिन सीमा पार आतंकवाद और उसके सर परस्तों को करार जबाब देने की है, वह दिया जाएगा। लोकसभा चुनावों पर पड़ने वाले असर पर इस नेता ने संकेत दिए कि चुनाव अपनी जगह हैं, उस पर क्या असर पड़ेगा या नहीं होगा, इसे नहीं कहा जा सकता है। जब चुनाव नहीं थे, तब भी सर्जिकल स्ट्राइक कर उरी का मुंहतोड़ जबाब दिया था। अब उससे भी कड़ा जबाब दिया जाएगा।

संघ भी साथ 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी इस मामले में सरकार के साथ है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि इस घटना का कड़ा जबाब देना चाहिए। चूंकि पहले भी दो तीन बार हमने कड़ा जबाब दिया है, इसलिए भरोसा बढ़ा है। संघ की एक बैठक में यह बात भी उभरी है कि इस समय मंदिर से भी बड़ा मुद्दा पुलवामा का है। लोग उद्वेलित है और सरकार को उस पर कार्रवाई करनी चाहिए।

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