एनजीटी की रोक के बाद भी बाजारों में धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रही पॉलिथीन

बहादुरगढ़। शहर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नगर परिषद के अधिकारियों को आदेश दिए थे कि पॉलिथीन का इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। लेकिन बुधवार पड़ताल में एनजीटी के आदेश खोखले साबित हुए। शहर की लगभग सभी बाजारों ने पॉलिथीन का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा। नगर परिषद के अधिकारी एनजीटी को कार्रवाई दिखाने के नाम पर कुछ दुकानों का चालान काट देते हैं। शहर में बढ़ता प्रदूषण एनजीटी के लिए सिर दर्द बना हुआ है। इसी को लेकर एनजीटी ने पॉलिथीन के इस्तेमाल को रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। आदेश के अनुसार नप के अधिकारियों की एक टीम बनाई गई है जो पॉलिथीन का इस्तेमाल कर रहे दुकानदारों पर कार्रवाई करेगी।

लेकिन टीम के अधिकारियों को इस गर्मी में एसी के कमरों में बैठने की आदत सी पड़ गई है। इसके कारण शहर में पॉलिथीन का इस्तेमाल धड़ल्ले से चल रहा है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। बाजारों में सफाई कर्मचारी की संख्या कम होने के चलते दुकानदार कूड़े के ढेर में लगा देते हैं। ढेर से उठने वाले धुएं ने लोगों को सांस लेना मुश्किल कर दिया है। शहर की झज्जर रोड स्थित मुख्य सब्जी मंडी में बड़े व्यापारी, रेहड़ी से लेकर परचून दुकानदार ग्राहकों को पॉलिथीन में सामान दे रहें हैं।

दुकानदार बोले, पेपर और कैनवास बैग काफी महंगे दुकानदारों का कहना है कि पॉलिथीन की तरह पेपर बैग और कैनवास बैग महंगे काफी महंगे हैं। अगर एनजीटी पॉलिथीन बंद करवा रही है तो उसके एवज में कोई अन्य सुविधा भी उपलब्ध कराए तो हम पॉलिथीन इस्तेमाल नहीं करेंगे। बड़ी पॉलिथीन बाजार में 35 व छोटी 30 रुपये किलो आसानी से उपलब्ध हो जाती है। जबकि पेपर बैग बाजार में काफी महंगे हैं।

20 दुकानदारों के चालान काटकर वाहवाही बटोरने में जुटे अधिकारी  नप अधिकारियों ने पिछले एक माह में करीब 20 चालान काटकर वाहवाही बटोरने में जुटे हुए हैं। टीम ने एक माह में जुर्माना वसूली के नाम पर करीब 5000 रुपये वसूले हैं। ऐसे ढीले रवैया के चलते दुकानदारों का मनोबल बढ़ा हुआ है।

समय-समय पर अभियान चलाकर पॉलिथीन इस्तेमाल कर रहे दुकानदारों का चालान काटकर जुर्माना वसूला जाता है। बीते मंगलवार को अभियान चलाया गया था। इसमें आठ दुकानदारों के चालान काटे गए थे। ये अभियान आगे भी जारी रहेगा।
मुकेश कुमार, सचिव, नगर परिषद बहादुरगढ़।

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