राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मिशन 2019 की शुरुआत करेगी भाजपा

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भाजपा ‘मिशन 2019’ की शुरूआत 11-12 जनवरी को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली राष्ट्रीय परिषद की बैठक से करेगी जहां देशभर के पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘जीत’ का मंत्र देंगे। यह अब तक की सबसे बड़ी राष्ट्रीय परिषद होगी, जिसमें देशभर से लगभग 12 हजार प्रमुख कार्यकर्ता जुटेंगे। बैठक के समापन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मिशन 2019’ के लिए पार्टी का मुख्य चुनावी नारा भी देंगे। इस बारे में पूछे जाने पर भाजपा मीडिया प्रकोष्ठ के प्रमुख एवं राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने ‘‘भाषा’’ को बताया कि यह देश भर के पार्टी कार्यकर्ताओं का ‘महासंगम’ होगा जहां से हम अपने विजय अभियान की शुरूआत करेंगे।

 

उन्होंने कहा कि इस बैठक में हर प्रदेश से पार्टी कार्यकर्ता आयेंगे। बैठक के दौरान प्रस्ताव भी पास होंगे। उल्लेखनीय है कि भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कुछ ही समय पहले पार्टी को हिन्दी पट्टी के तीन राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस से पराजय का सामना करना पड़ा जहां उसकी सरकार थी। इसके साथ ही देश में राम मंदिर का मुद्दा भी सुर्खियों में है। इस विषय पर आरएसएस समेत हिन्दुवादी संगठन मंदिर निर्माण के लिये कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस किसानों की ऋण माफी और राफेल सौदे को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है।

 

ह बैठक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से तेलुगु देशम पार्टी, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, असम गण परिषद के अलग होने तथा शिवसेना, अपना दल (एस), ओमप्रकाश राजभर की अगुवाई भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के साथ तल्ख रिश्तों की पृष्ठभूमि में हो रही है। समझा जाता है कि इन्हीं चुनौतियों के बीच सरकार ने समान्य वर्ग के गरीब लोगों को शिक्षा एवं रोजगार में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसला किया। इस संबंध में संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा की मंजूरी मिल गई है। यह पहला मौका है जब भाजपा अपनी राष्ट्रीय परिषद की बैठक को विस्तृत स्वरूप देने जा रही है। इसमें हर लोकसभा क्षेत्र के लगभग दस प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे। बैठक में सभी सांसदों, विधायकों, परिषद के सदस्यों, जिला अध्यक्षों व महामंत्रियों के साथ हर क्षेत्र के विस्तारकों को भी बुलाया गया है।

 

बैठक में राजनीतिक व आर्थिक मुद्दों समेत तीन प्रमुख प्रस्तावों पारित किये जाने की संभावना है। इसमें राम मंदिर के मुद्दे पर भी पार्टी का रूख स्पष्ट किया जा सकता है। समझा जाता है कि बैठक में कांग्रेस और उसकी समर्थित सरकारों के साठ साल के कामकाज की तुलना भी रखी जाएगी और बताया जाएगा कि वर्तमान सरकार के दौरान कितनी तेजी से विकास हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा जोर भ्रष्टाचारमुक्त सरकार पर दिया जायेगा और कांग्रेस की पिछली सरकारों के घोटालों की तुलना करते हुए भाजपा अपनी बेदाग सरकार को जनता के सामने लेकर जाएगी।

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