अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस: डीजीपी हरियाणा ने नशामुक्त समाज का किया आह्वान

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), श्री मनोज यादव ने नशा मुक्त और स्वस्थ समाज को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी पर निरंतर लगाम लगाते हुए इसे जड़ से मिटाने के लिए अथक प्रयास किया जा रहा है।
आज यहां अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस (इंटरनेशनल डे अगेंस्ट ड्रग एब्यूज एंड इलिसिट ट्रैफिकिंग) के उपलक्ष्य में जारी एक संदेश में डीजीपी ने बताया कि लोगों को नशे से मुक्त कराने तथा इसकी अवैध तस्करी और इससे जुड़े खतरों के बारे में लोगों को अवगत व जागरूक करवाने के उद्देश्य हर वर्ष 26 जून को यह दिवस मनाया जाता है।
श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल और गृह मंत्री श्री  अनिल विज की पहल पर नशे के खिलाफ जंग में खुफिया और सूचना के बेहतर आदान-प्रदान के लिए देश के उत्तरी राज्य एक मंच पर आए ताकि इसे जड़ से मिटाया जा सके। राज्य सरकार ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ सक्रिय मुहिम द्वारा हरियाणा को पूरी तरह से नशा मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
25640 किलोग्राम मादक पदार्थ किया जब्त
डीजीपी ने बताया कि सरकार की प्रतिबद्धता और आमजन के सक्रिय समर्थन से पुलिस ने अंतरराज्यीय नशा कारोबारियों द्वारा राज्य में नशीले पदार्थों की भारी खेप लाने के लगभग सभी प्रयासों को नाकाम करते हुए जनवरी 2019 से फरवरी 2020 के बीच 144.799 किलोग्राम अफीम, 183.495 किलोग्राम चरस/सुल्फा, 14355 किलो चूरा/डोडा पोस्त,  17.72 किलोग्राम स्मैक, 7064 किलोग्राम गांजा और 21.861 किलोग्राम हेरोइन सहित कुल 21,787 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया है। इसी अवधि में, पुलिस टीमों ने प्रतिबंधित दवाओं की श्रेणी में आने वाली करीब 18 लाख नशीली दवाएं भी जब्त की हैं। इसके अतिरिक्त, 23 मार्च से 31 मई तक चले लॉकडाउन 4.0 में 3,853 किलोग्राम ड्रग्स भी बरामद की गई है।
पुलिस चला रही जागरूकता अभियान
उन्होनें कहा कि सभी जिला पुलिस प्रमुखों को मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ-साथ, सभी फील्ड इकाइयां नशामुक्ति जागरूकता अभियान भी चला रही हैं और राज्य भर में ड्रग्स के दुष्प्रभावों के बारे में नागरिकों विशेषकर युवाओं को जागरूक किया जा रहा है।
नशे के खात्में के लिए आमजन करे सहयोग*
 मादक पदार्थ तस्करी को जड़ से मिटाने के लिए समाज के समर्थन का आहवान करते हुए डीजीपी ने कहा कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खतरे को पूरी तरह से कुचलने के लिए समाज के हर वर्ग के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने आम लोगों से भी आग्रह किया कि वे हमारी युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए ड्रग पेडलर्स से संबंधित कोई भी जानकारी साझा कर पुलिस की मदद करें।
 डीजीपी ने बताया कि पुलिस द्वारा पेंटिंग प्रतियोगिता, जागरूकता रैलियों और अन्य साधनों के माध्यम से युवाओं को ड्रग्स सेवन से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा हैं। साथ ही प्रत्येक नागरिक का भी यह कर्तव्य है कि वह आम जनता के बीच नशे की लत के खिलाफ जागरूकता पैदा करने में योगदान दे।
मादक पदार्थों की बिक्री, खरीद और तस्करी संबंधी कोई भी जानकारी पुलिस को मोबाइल नंबर 7087089947, टोल फ्री नंबर 1800-180-1314 और लैंड लाइन नंबर 01733-253023 पर सूचित की जा सकती है।

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