भारत ने पाक के एफ-16 का मुकाबला करने के लिए मिग-21 विमान को चुना

भारतीय वायुसेना द्वारा बुधवार की सुबह लड़ाकू वायु गश्ती (कॉम्बैट एयर पैट्रोल या कैप) के लिए मिग-21 विमानों के चयन पर सवाल उठने शुरू हो गए जब भारत ने पाकिस्तान के एफ-16 विमानों के मुकाबले में एक विमान गंवा दिया। हालांकि भारतीय वायुसेना के सूत्रों ने मिग-21 के इस्तेमाल के निर्णय का बचाव किया है। उनका कहना है कि यह फाइटर जेट वायुसेना की सूची में था और कार्रवाई, समय व धमकी के स्तर के मुताबिक विमानों को बदला जाता है।

बुधवार सुबह 10.05 बजे पाकिस्तानी वायुसेना के तीन एफ-16 विमानों ने भारतीय वायुसीमा का उल्लंघन किया और नौशेरा सेक्टर में घुस गए। यहां उन्होंने चार भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बम गिराए। हाई अलर्ट पर रही भारतीय वायुसेना ने तुरंत कार्रवाई की और कैप ड्यूटी पर तैनात दो मिग-21 विमानों ने एफ-16 विमानों का पीछा किया और एक को मार भी गिराया।

भारत ने इस बात की पुष्टि की वायुसेना ने एक मिग-21 विमान गंवा दिया है और हमारा एक पायलट भी लापता है। वहीं, पाकिस्तान ने पहले दावा किया कि उसने भारतीय वायुसेना के दो विमान मार गिराए हैं और दो पायलटों को हिरासत में लिया है। हालांकि, बाद में पाकिस्तान ने अपना बयान बदलते हुए कहा कि उनके कब्जे में भारतीय वायुसेना का एक ही पायलट है।

56 साल पहले वायुसेना में हुआ था मिग-21 का पदार्पण

इस बात पर कई सवाल उठे कि कैप ड्यूटी के लिए मिग-21 विमानों का प्रयोग किया ही क्यों जा रहा था? भारतीय वायुसेना में इस विमान का आगमन 56 साल पहले हुआ था। बीते कुछ दशकों में मिग-21 विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाओं के चलते इसे उड़ता कफन (फ्लाइंग कॉफिन) तक नाम दे दिया गया था।

हालांकि, वायुसेना के सूत्रों ने स्पष्ट किया पुलवामा आतंकी हमले के बाद से अलर्ट का स्तर बढ़ाया गया था और तब से ही विभिन्न विमान कैप ड्यूटी के लिए लगाए जा रहे थे। शुक्रवार की रात सुखोई30 व मिग-29 विमान हवा में थे, वहीं सुबह मिग-21 तैनात किए गए थे।

वायुसेना के एक अधिकारी ने कहा कि मिग-21 हमारी इनवेंटरी का हिस्सा हैं। हमारे पास कैप ड्यूटी के लिए कई विमान हैं और जब पाक के विमान भारतीय सीमा में घुसे तब मिग-21 ही हवा में थे और इसीलिए उन्होंने पाक के एफ-16 विमानों को चुनौती दी।

बता दें कि स्वदेशी विमान तेजस को मिग-21 की जगह लाने की तैयारी थी लेकिन तेजस के निर्माण में आ रही देरी के चलते वायुसेना मिग-21 का प्रयोग करने के लिए मजबूर है।

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