सुबह पांच बजे शहर से पकड़े 25 लावारिस गोवंश, नंदीशाला में छोड़े

शहर में लावारिस घूम रहे गोवंशों से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने शनिवार सुबह पांच बजे अभियान चलाकर 25 गोवंश पकड़े। इन गोवंशों को अग्रसेन धर्मशाला के सामने बनाई नंदीशाला में छोड़ा गया। नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि शहर में अब यह अभियान नियमित रूप से सुबह के समय चलाया जाएगा ताकि हादसों से बचा जा सके। वहीं, नंदीशाला में गोवंशों की तादाद बढ़ने पर अब चारा स्टोरेज क्षमता बढ़ाने की भी जरूरत है।

नगर परिषद द्वारा चलाया गया गोवंश पकड़ो अभियान एक दिन में ही सिमट कर रह गया था। इसके बाद नप अधिकारियों ने हरकत में आते ही शनिवार सुबह ही शहर में गोवंश पकड़ो अभियान चलाया। इस दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों से नप कर्मचारियों की टीम ने 25 गोवंश पकड़े और इन्हें शहर की नंदीशाला में छोड़ा गया। सफाई निरीक्षक विजय शर्मा ने बताया कि गोवंशों को पकड़ने के लिए एक टीम गठित की जा चुकी है और इसके अलावा नंदीशाला में कुछ सुविधाएं भी जल्द बढ़ा दी जाएंगी।

उन्होंने बताया कि दिन के समय गोवंश पकड़ने से हादसों का डर रहता है और इन हादसों से बचने के लिए अब सुबह के समय ही शहर से लावारिस गोवंश पकड़े जाएंगे।

गौरतलब है कि नप द्वारा दो वर्ष पूर्व शुरू की गई नंदीशाला में 570 गोवंश छोड़कर टैगिंग की गई थी। उस दौरान नंदीशाला में दो पशु चिकित्सकों व तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी लेकिन 18 माह बाद नंदीशाला मेें केवल 123 पशु रह गए थे। वहां के स्थानीय निवासियों का कहना है कि गोवंश की देखभाल न होने से कुछ की मौत हो गई जबकि कुछ गोवंशों को कर्मचारियों ने ही मौका पाकर नंदीशाला से निकाल दिया। टैग लगे जो पशु सड़कों पर घुम रहे हैं वो नंदीशाला से ही बाहर निकले हैं। वहीं, गत 24 जनवरी को नगर परिषद ने दोबारा से गोवंश पकड़ो अभियान शुरू किया था। पहले ही दिन 82 पशु पकड़े थे और इन्हें नंदीशाला में छोड़ा गया था। नंदीशाला में चारे के प्रबंध सहित अन्य इंतजाम न होने से पार्षदों ने अभियान का विरोध किया था। इस दौरान ईओ के साथ भी तीखी नोकझोंक हुई थी। इसके बाद से ही नगर परिषद ने गोवंश पकड़ो अभियान नहीं चलाया है। अभी भी शहर की सड़कों पर 500 से अधिक गोवंश घूम रहे हैं। ये गोवंश आए दिन होने वाले सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं।

तीन दिन का ही चारा रखने का प्रबंध

अभियान जारी रहने से नंदीशाला में गोवंशों की संख्या बढ़नी तय है।

बारिश से बचाने के लिए इस पर तिरपाल ढका हुआ था। यहां तैनात कर्मचारी ने बताया कि नंदीशाला में तीन दिन का तो चारा है लेकिन इससे अधिक चारा रखने के लिए प्रबंध नहीं है। इसके अलावा गोवंश खुले आसमान के तले बैठे थे।

इन्हें नंदीशाला में छोड़ा गया है। दिन के समय कोई हादसा हो सकता है इसलिए सुबह के समय ही अभियान चलाया जाएगा। – विजय शर्मा, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद

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