बापूधाम में संक्रमितों की चेन नहीं टूट रही, चंडीगढ़ में कुल 202 केस हुए

चंडीगढ़. बापूधाम से संक्रमित मरीज आने अब भी बंद नहीं हुए हैं। यहां कोरोना की चेन टूट ही नहीं रही है। आज सुबह भी बापूधाम से कोरोनावायरस संक्रमण के दो पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इनमें  28 साल का एक युवक और 50 साल का एक व्यक्ति शामिल है। इससे पहले मंगलवार को भी बापूधाम से संक्रमण के तीन नए मामले सामने आए थे। अब चंडीगढ़ में कुल 202 कोरोना संक्रमित मामले हो गए हैं, जिनमें से 108 एक्टिव हैं। यूटी चंडीगढ़ में अब ज्यादातर काम और सर्विस से शुरू हो गई, लेकिन बदले हुए माहौल में। जैसे सरकारी दफ्तर में थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी है, घर से निकलो तो मास्क लगाकर निकलो और हैंड सैनिटाइजर साथ रखो।

दुकानदारों के चेहरों पर राहत

लॉकडाउन खुलते ही भले ही शहर में लगभग 90 परसेंट की छूट दे दी गई है, लेकिन अब भी हालात सामान्य नहीं हुए हैं। मंगलवार को सेक्टर-17 और सेक्टर-22 में दुकानें खुलीं। इससे दुकानदारों के चेहरों पर राहत तो दिखी लेकिन कस्टमर नहीं पहुंचें। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और उनका बिजनेस पटरी पर लौटेगा।

बापूधाम में परेशान लोग उतरे सड़कों परसेक्टर-26 के पास बापूधाम एरिया से लगातार कोरोनावायरस के मरीज आ रहे हैं और इस कारण पूरे एरिया को कंटेनमेंट जोन बना दिया है। पूरा एरिया सील है और न किसी को अंदर जाने और न ही वहां से बाहर आने की इजाजत है। इस वजह से लोग  काफी परेशान हो चुके हैं और तंग आकर लोग सड़कों पर उतर गए। लोगों ने कहा कि उन्हें ना तो राशन मिल रहा है और न ही अब उनके पास खाने को पैसे बचे हैं। मौके पर एसडीएम सुधांशु गौतम और एरिया एसएचओ पहुंचे और उन्होंने बड़ी मुश्किल से लोगों को समझाकर उनके घरों में वापस भेज दिया।

मंदिराें काे न खाेलने पर राेष

चंडीगढ़ में प्रशासन द्वारा कर्फ्यू को आंशिक रूप से हटाकर शराब के ठेकों को खोलने की अनुमति ताे दे दी गई है, लेकिन मंदिर एवं अन्य पूजा संस्थान अब भी बंद है। इसे मंदिर महासभाओं में रोष है। उनका कहना है कि लॉकडाउन की इस परिस्थिति में लोगों पर मानसिक दबाव बना हुआ है। एक व्यक्ति मानसिक शांति के लिए मंदिर या अपने पूजा स्थल पर जाता है और वहां भी संयमित रहकर पूजा अर्चना करता है, जबकि दूसरी ओर शराब के ठेकों का दृश्य पूर्णतः विपरीत होता है। लिखकर मांग की है कि वर्तमान परिस्थितियों में जबकि शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों की बाढ़ आई हुई है यह निर्णय सर्वथा अनुचित है। अतः इस पर पुनः विचार कर ठेकों को बंद करने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मंदिरों व पूजा संस्थानों को भी खोलने के निर्देश दिए जाएं।

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