राई में बड़ा उलटफेर, जिसके साथ 5 साल अदालत में लड़े, उसी के पक्ष में चुनाव से हटे

सोनीपत की राई विधानसभा सीट पर शुक्रवार को बड़ा उलटफेर हो गया। पिछले चुनाव में 3 वोट से हारने के बाद 5 साल से विधायकी वापस पाने के लिए कांग्रेस के जयतीर्थ दहिया से अदालत में लड़ रहे इनैलो के इंद्रजीत दहिया ने अब जयतीर्थ के पक्ष में चुनाव से हटने का निर्णय लिया है।  बता दें कि वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में राई विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के जयतीर्थ दहिया ने इनैलो के इंद्रजीत दहिया को 3 वोटों से हरा दिया था।

इसके विरोध में इंद्रजीत हाईकोर्ट पहुंच गए थे और जयतीर्थ दहिया के पक्ष में बोगस वोट डालने का आरोप लगाते हुए  चुनाव निरस्त करने व स्वयं को विधायक घोषित करने की मांग की थी। इस मामले में अदालत ने आचार संहिता से ठीक पहले इंद्रजीत के पक्ष में फैसला करते हुए विधायक जयतीर्थ दहिया के चुनाव को निरस्त कर दिया था लेकिन फैसला नहीं सुनाया था क्योंकि जयतीर्थ दहिया ने भी इंद्रजीत पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाते हुए अपील दायर की थी।

वहीं,अब एक बार फिर ये दोनों नेता कांग्रेस व इनैलो की तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ प्रत्याशी घोषित कर दिए गए लेकिन शुक्रवार को अचानक उस समय नया मोड़ आया जब इंद्रजीत ने चुनाव न लडऩे का फैसला लिया और जयतीर्थ का समर्थन किया। इससे इनैलो में काफी हलचल मच गई। इनैलो के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र छिक्कारा ने तुरंत पै्रस वार्ता कर आरोप लगाया कि इंद्रजीत ने जयतीर्थ के साथ सांठ-गांठ कर ली।

ऐसे में वह पार्टी सुप्रीमो से मांग करेंगे कि इंद्रजीत को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए। छिक्कारा ने पत्रकारों को बताया कि इंद्रजीत व जयतीर्थ दहिया के बीच अंदरखाते समझौता हुआ है। यदि जयतीर्थ अदालत से अपनी शिकायत वापस ले लेंगे तो पिछली टर्म का विधायक इंद्रजीत को घोषित किया जा सकता है। इसी शर्त पर यह समझौता हुआ लगता है जिसमें लेन-देन भी किया गया है। उन्होंने इनैलो प्रत्याशी पर 50 लाख रुपए में बिकने का आरोप लगाया।

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