JJP नेता व पूर्व विधायक सतविंद्र राणा की गिरफ्तारी से कई सफेदपोश और अफसर रडार पर

 हरियाणा में सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं को लॉकडाउन के दौरान ठेके खुलवाकर शराब बिकवाने की बेहद जल्दबाजी थी। केंद्र सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया तो शराब के अवैध धंधे को अंजाम दिया गया। लॉकडाउन के दौरान हुए शराब घोटाले की परतें अब धीरे-धीरे खुलती जा रही हैं। पूर्व विधायक एवं जजपा नेता सतविंद्र राणा की गिरफ्तारी से जहां कई सफेदपोश राडार पर आ गए हैं, वहीं शराब घोटाले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों से पुलिस व प्रशासन के अफसरों को भी पसीने आने लगे हैैं।

हरियाणा में अब तक पांच जिले शराब घोटाले की चपेट में आ चुके हैं, जबकि परमिट एक दर्जन से ज्यादा जिलों में जारी हुए। स्वभाविक है कि यहां भी शराब घोटाले को अंजाम दिया गया। शराब घोटाले का यह मुद्दा लगातार सरकार के गले की फांस बन रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत सरकार को अपने सहयोगी दल की वजह से हो रही है, जिसके पास आबकारी एवं कराधान विभाग है।

कुछ नेताओं को थी लॉकडाउन के दौरान ठेके खुलवाकर शराब बेचने की जल्दबाजी

भाजपा सरकार के नेताओं ने ही अपने सहयोगी दल के नेताओं को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। दलील दी जा रही है कि इस शराब घोटाले के कारण भाजपा की काफी किरकिरी हो रही है। यह अलग बात है कि सहयोगी दल पूरे मामले में स्थिति साफ करते हुए खुद को पाक साफ बता चुका है।

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