श्रमिकों को दो महीने तक मिलेगा मुफ्त अनाज

आज प्रवासी मजदूरों, किसानों, स्वरोजगारों की बात होगी, जो 9 घोषणाएं की जाएंगी, उनमें से 3 प्रवासी मजदूरों के लिए होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि गरीब कल्याण योजना देश के गरीब लोगों के लिए था। वित्त मंत्री ने बताया कि प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए 14 करोड़ 62 लाख काम पैदा किए गए। इसमें 10000 करोड़ खर्च किए। आइये जानते हैं, वित्त मंत्री की आज की बड़ी घोषणा…

  • एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड योजना से अगस्त, 2020 तक 23 राज्यों में 67 करोड़ लाभार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
  • प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के जरिए यह संभव होगा। इस योजना के तहत प्रवासी मजदूर देश के किसी भी कोने में जाकर किसी भी राशन दुकान से अपने हिस्सा का राशन किफायती दाम पर खरीद कर सकेंगे
  • वित्त मंत्री ने बताया कि 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों की खाद्यान्न की आवश्यकता के लिए 3500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्हें अगले दो महीने तक 5 किलो गेहूं या चावल और एक किलो दाल उपलब्ध कराई जाएगी।
  • जिनके पास खाद्य सुरक्षा कार्ड नहीं है उन्हें भी चावल या गेहूं और एक किलो दाल अगले दो महीने तक उपलब्ध कराई जाएगी। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना लेकर आ रहे है।
  • वित्त मंत्री ने कहा कि कई राज्यों में प्रवासी श्रमिकों को अनाज की जरूरत है। बिना NFSA या स्टेट कार्ड वाले प्रवासी मजदूरों को प्रति व्यक्ति पांच किलोग्राम निशुल्क अनाज और एक किलोग्राम चना प्रति परिवार प्रति माह के हिसाब से अगले दो माह तक दिया जाएगा। इससे आठ करोड़ प्रवासी श्रमिकों को फायदा होने की उम्मीद है।
  • इस मद में 3,500 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इसे लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों को होगी।
  • वित्त मंत्री ने कहा कि कम से कम एक न्यूनतम वेतन गरीब से गरीब मजदूर को मिले, इसके लिए कदम उठाया जाएगा। नियुक्ति पत्र सभी मजदूरों को मिलेंगे।
  • साल में एक बार स्वास्थ्य जांच होगी। जोखिम वाली जगहों पर काम करने वालों मजदूरों के लिए योजना बनेगी। सामाजिक सुरक्षा योजना मजदूरों के लिए लाई जाएगी।  रात्रि में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षा की व्यवस्था लाई जाएगी।
  • सभी कर्मचारियों के लिए नियुक्ति पत्र का प्रावधान अनिवार्य किया जाना विचाराधीन है। इसके अलावा सभी कर्मचारियों की साल में एक बार हेल्थ चेकअप हो, इस पर काम चल रहा हैः  वित्त मंत्री
  • हम न्यूनतम वेतन सबके लिए लागू करना चाहते हैं, अभी यह केवल 30 फीसद कर्मचारियों के लिए लागू हैः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
  • वित्त मंत्री ने बताया कि प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए 14 करोड़ 62 लाख काम पैदा किए गए। इसमें 10000 करोड़ खर्च किए।
  • ये काम 1 लाख 87 हजार ग्राम पंचायतों में हुए है। साथ ही दिहाड़ी को बढ़ाकर 202 रुपए किया गया है।
  • वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार न्यूनतम मजदूरी को यूनिवर्सल बनाना चाहते है।
  • मनरेगा में पिछले साल के मुकाबले 40-50% लोगों ने खुद को रजिस्टर कराया हैः वित्त मंत्री
  •  वित्त मंत्री के मुताबिक 1.87 लाख ग्राम पंचायतों में कल तक 2.23 करोड़ लोगों को काम दिया गया है।
  • वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड के तहत राज्यों को 11000 करोड़ रुपए दिए गए।
  • वित्त मंत्री ने बताया कि 15 मार्च के बाद से 7200 स्वयं सहायता समूह बनाए।
  • वित्त मंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के बारे में विवरण देते हुए कहा कि तीन करोड़ सीमांत किसानों ने किफायती दरों पर चार लाख करोड़ रुपये का लोन प्राप्त किया है।
  • वित्त मंत्री ने कहा कि मार्च में रूरल इंफ्रा फंड के तहत राज्यों को 4200 करोड़ रुपए दिये गए।
  • मार्च, अप्रैल में 86600 करोड़ रुपए के 63 लाख कृषि लोन मंजूर किए।
  • मार्च, 2020 में ग्रामीण इलाकों के बुनियादी ढांचे के लिए राज्यों को 4,209 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध करायी गई।
  • एक मार्च, 2020 से 30 अप्रैल, 2020 के बीच कृषि के लिए 86,600 करोड़ रुपये का लोन दिया गया।
  • 9 योजनाओं में से 2 योजना छोटे किसानों से संबंधित,3 अप्रवासी मजदूरों, स्ट्रीट वेंडर्स के लिए भी योजना
  • लोन मोरेटोरियम का तीन करोड़ किसानों ने फायदा उठाया।
  • किसान लोन इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम 31 मई तक बढ़ाई गई।
  • दो महीने में 25 लाख नए क्रेडिट कार्ड जारी किए गए।
  • कृषि ऋण पर इंटरेस्ट सब्वेंशन और प्रॉम्पट रिपेमेंट इंसेंटिव का लाभ अब 31 मई, 2020 तक मिलेगा
  • 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड होल्डर्स के लिए 25,000 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी
  • आज प्रवासी मजदूरों, किसानों, स्वरोजगारों की बात
  • 9 में से 3 प्रवासी मजदूरों के लिए
  • गरीब कल्याण योजना देश के गरीब लोगों के लिए था

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