अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के चार गुर्गे काबू, डंपरों और फाइनेंस की गाड़ियों को काटकर मायापुरी में बेचने की बात कबूली

अपराध शाखा पुलिस द्वारा एक मार्च को पकड़े अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के चार गुर्गों ने रिमांड में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जगहों से डंपर चोरी की वारदात कुबूली है। आरोपियों ने बताया कि वे चोरी किए गए डंपरों और फाइनेंस की अन्य गाड़ियों को चोरी के बाद काटकर दिल्ली की मायापुरी मार्केट में कबाड़ियों को बेचते हैं। आरोपियों की निशानदेही पर कलियाणा क्रशर जोन से 19 जनवरी को चोरी किए डंपर को पुलिस ने बरामद कर लिया है। चारों आरोपी मेवात जिले और राजस्थान के रहने वाले हैं। पुलिस ने शनिवार को इन्हें पुन: कोर्ट में पेश किया। अदालत ने चारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

पुलिस प्रवक्ता अशोक कुमार ने बताया कि गत एक मार्च को अपराध शाखा टीम कलियाणा क्रशर जोन में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक कार में सवार चार युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगी। जब उन्हें काबू कर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे यहां डंपर चोरी की नीयत से आए थे। साथ ही उन्होंने गत 18 जनवरी की रात महादेव स्टोन क्रशर से डंपर चोरी की बात भी स्वीकारी। पुलिस टीम ने आरोपी अरशद, सद्दाम, नूंह निवासी रिजवान और राजस्थान के फतेहपुरी निवासी शाहनवाज को गिरफ्तार कर कोर्ट से पांच दिन के रिमांड पर लिया।

रिमांड के दौरान आरोपियों ने बताया कि कलियाणा क्रशर जोन से जो डंपर उन्होंने चोरी किया था उसमें लगे जीपीएस को उखाड़कर कर फेंक दिया। इसके अलावा डंपर की चेसी और इंजन नंबर बदलकर नीला पेंट कर उसे आगे बेच दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर यह डंपर पलवल के बहिन से बरामद कर लिया।

पुलिस ने चारों आरोपियों को गत सात मार्च को कोर्ट में पेश किया था। इस दौरान कोर्ट ने अरशद नामक आरोपी को जेल भेज दिया था जबकि बाकी तीनों को पुलिस ने दोबारा से दो दिन के रिमांड पर लिया था। शनिवार को तीनों आरोपियों को पुलिस ने दोबारा से कोर्ट में पेश किया। जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।

रिठड गांव में आरोपी रिजबान के बाड़े में काटते थे वाहन
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मेवात जिले के रिठड गांव में आरोपी रिजवान का बाड़ा है। चोरी किए वाहन को बाड़े में ले जाकर काटते थे। उसके बाद टुकड़ों में उसे दिल्ली की मायापुरी जाकर कबाड़ियों को बेच देते थे। यह काम वो लंबे समय से कम रहे थे। वह अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़े हैं।

किश्त नहीं भरने वालों की खरीदते थे गाड़ियां
आरोपियों ने बताया कि वो डंपर चोरी के अलावा ऐसी गाड़ियां तलाशते थे जिनकी पासिंग नहीं हो पाती थी। इन गाड़ियों के वो सस्ते दामों पर खरीदते थे और इन्हें काटकर मायापुरी बेच आते थे। आरोपियों ने बताया कि जो व्यक्ति फाइनेंस पर गाड़ी लेकर किश्त नहीं भर पाते थे उनसे सांठगांठ कर गाड़ियां ले लेते थे। गाड़ी मालिक इसके बाद थानों में चोरी की शिकायत दर्ज कराकर क्लेम ले लेते थे।
वर्जन::
गश्त के दौरान आरोपियों को कलियाणा क्रशर जोन से काबू किया था। उन्होंने हरियाणा सहित राजस्थान व उत्तरप्रदेश से वाहन चोरी करने और इन्हें दिल्ली की मायापुरी में बेचने की बात कुबूली है। पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
दिलबाग सिंह, चरखी दादरी अपराध शाखा प्रभारी

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