बेटियों ने अपनी प्रतिभा से किया अभिभावकों के मन में उत्साह का संचार : डा. राकेश

डिप्टी सिविल सर्जन डा. राकेश कुमार ने राजकीय अस्पताल मातनहेल व पीएचसी छुछकवास में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं पर आधारित संगोष्ठी को किया संबोधित
झज्जर, समाचार क्यारी, संजय शर्मा /रवि कुमार :- डिप्टी सिविल सर्जन डा. राकेश कुमार ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम से समाज में लिंगानुपात सुधार के प्रति एक चेतना जागृत हुई है। बेटियों ने भी अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा से अभिभावकों के मन में भी एक नए उत्साह का संचार किया है। उन्होंने यह बात बुधवार को राजकीय अस्पताल मातनहेल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छुछकवास में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही। संगोष्ठी के दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई।
डा. राकेश ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के पानीपत से जब बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं का राष्ट्रव्यापी नारा दिया था तो उस समय में हरियाणा के बिगड़ते लिंगानुपात की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर होती थी लेकिन इस कार्यक्रम के उपरांत हरियाणा में हुए उल्लेखनीय कार्यों  के चलते लिंगानुपात में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने छुछकवास गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि एक साल पहले यहां पर ऐसी ही संगोष्ठी का आयोजन हुआ था उस समय यहां लिंगानुपात 800 के आस-पास था जोकि अब बढ़कर 900 से अधिक हो चुका है। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत झज्जर जिला में पीएनडीटी, एमटीपी एक्स से संबंधित कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने हर उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की जोकि कन्या भ्रूण हत्या व लिंग जांच जैसे जघन्य कृत्यों में संलिप्त था।
उन्होंने बताया कि झज्जर ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में जाकर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ऐसे गिरोहों को जेल भिजवाया। उन्होंने कहा कि झूठी प्रतिष्ठा व लालच से बेटियों को मरवाया जाता था लेकिन आज समाज जागृत हो चुका है और ऐसी घटनाओं की सभ्य समाज में किसी प्रकार की जगह नहीं है। उन्होंने कार्यक्रम में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों विशेषकर महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेवारी आप पर है और जब भी आपको समाज में ऐसी घटनाओं की भनक लगे तो तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना उपलब्ध कराए ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। मातनहेल में सरपंच सतेंद्र ने संगोष्ठी के आयोजन के लिए स्वास्थ्य विभाग की सराहना की। इन संगोष्ठियों में मातनहेल, नौगांवा, रूढिय़ावास, छुछकवास आदि गांवों के प्रतिनिधियों, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।

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