सारा शहर सराहाया गाढ़ा मारौ जी, पीला रंगादो जी

झज्जर। पीलिया तो ओढ म्हारी जच्चा पानी न चाली जी, सारा शहर सराहाया गाढ़ा मारौ जी, पीला रंगादो जी। अक्सर इस तरह के मांगलिक गीत जब किसी के यहां बेटा पैदा होता है तो उसके जलवा पूजन पर ग्रामीण आंचल व शहरों में गाए जाते है। ठीक ऐसा ही नजारा था यहां झज्जर गोकुलधाम में एक कामधेनु गाय द्वारा पैदा की गई बछिया के जन्मोत्सव की खुशी पर। झज्जर-गुरुग्राम मार्ग पर गोकुलधाम गोशाला में पिछले दिनों कामधेनु गाय ने एक बछिया का जन्म दिया था। बताया जाता है कि इस कामधेनु गाय को जन्म देने वाली उसकी अंधी मां को गांव गोधड़ी से इस गोशाला में लाया गया था। यहां आते ही गोशाला प्रबंधन ने महामृत्युजंय मंत्रों का सवा लाख जाप कराया। जिसका परिणाम यह हुआ कि न सिर्फ उसकी आंखों की रोशनी आ गई बल्कि उसने कामधेनु गाय को भी जन्म दिया। समय बीता और कुछ वर्षों बाद इस कामधेनु गाय ने बीते दिनों एक बछिया का जन्म दिया। उसी की खुशी में गोशाला प्रबंधन ने शनिवार को जलवा पूजन का कार्यक्रम रखने के साथ-साथ भंडारे का भी आयोजन किया। शनिवार को आयोजित किए गए इस दशोटन के कार्यक्रम से ठीक पांच दिनों पूर्व गोशाला प्रांगण में ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच एक बार फिर से महामृत्युजंय मंत्रों का जाप शुरू कराया गया। जिसकी समाप्ति पर शनिवार को यज्ञ किया गया। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद क्षेत्र के 11 गांवों की तरफ से पीलिया दिए जाने की रस्म की अदायगी की गई। इस पीलिया की रस्म में मुख्य भूमिका गांव गोधड़ी द्वारा अदा की गई। महिलाओं ने पीलिया दिए जाने की रस्म पर मांगलिक गीत गाए और एक-दूसरे को बधाई दी। संचालक सुनील निमाणा ने बताया कि इस प्रकार का आयोजन देश में पहली बार हुआ है जब किसी गोशाला में कामधेनु गाय के बच्चे के जन्मोत्सव पर इस प्रकार से जलवा पूजन व पीलिया दिए जाने की रस्म निभाई गई हो।

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