शहर में प्रॉपर्टी टैक्स का डेढ़ करोड़ सालाना,28 फरवरी तक ब्याज माफी योजना का लाभ

झज्जर। शहर में प्रॉपर्टी टैक्स का डेढ़ करोड़ सालाना बनता है लेकिन नगर पालिका की ओर से 11 माह में केवल 40 लाख रुपये ही वसूला गया है। शहरी स्थानीय निकाय के द्वारा ब्याज में छूट दिए जाने के बावजूद भी लोग टैक्स जमा करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहें हैं। नपा बकाये का केवल एक चौथाई ही प्रॉपर्टी टैक्स वसूल पाया है। जानकारी के अनुसार नगर पालिका ने हर पांच हजार रुपये से अधिक बकाया वाले हर प्रॉपर्टी धारक को नोटिस भेजकर टैक्स जमा करवाने के निर्देश दिए थे। इस नोटिस का भी बकायेदारों पर कोई असर नहीं हुआ।
28 फरवरी तक ब्याज माफी योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। वहीं, प्रॉपर्टी टैक्स के लिए मार्च से सर्वे शुरू किया जाना है। नगर पालिका द्वारा एजेंसी को टेंडर अलॉट कर दिया गया है। इस बार एजेंसी की ओर से ड्रोन से सर्वे करवाया जाएगा। वहीं हर प्रॉपर्टी की एक यूनीक आईडी बनाई जाएगी। इसमें कॉलोनी, स्ट्रीट, रोड व सेक्टर का कोड प्रॉपर्टी के साथ दर्ज किया जाएगा। कोड दर्ज करने के बाद हर प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड चंद मिनटों में ऑनलाइन चेक किया जा सकेगा।

बिना टैक्स चुकाए नहीं होगी अब रजिस्ट्री

प्रदेश सरकार की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं चुकाने वालों के लिए नया रास्ता निकाला है। हर रजिस्ट्री में अब प्रॉपर्टी की आईडी दर्ज की जाएगी। वहीं उस आईडी की प्रॉपर्टी का टैक्स जमा किए बिना रजिस्ट्री नहीं होगी। ऐसे में नगर पालिका को उम्मीद है कि इसकी वजह से टैक्स चुुकाने वालों की संख्या में 10 से 15 फीसद का इजाफा होगा।

शहर में हैं 19 हजार प्रॉपर्टी

शहर में नपा के 19 हजार प्रॉपर्टी धारक हैं। इसमें करीब चार हजार कॉमर्शियल प्रॉपर्टी धारक हैं तथा दस हजार रिहायशी प्रॉपर्टी धारक हैं। वहीं करीब साढे़ चार खाली प्लॉट नपा के रिकार्ड में हैं। वहीं करीब 300 से 400 इंस्टीट्यूट हैं। नपा के द्वारा हर साल करीब 40 लाख रुपये का ही प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाता है।

शहर में अब तक प्रॉपर्टी टैक्स के तौर पर 40 लाख रुपये की आय हो चुकी है। वहीं मार्च माह में 10 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा होने की उम्मीद है। अगले साल के प्रॉपर्टी टैक्स के लिए एजेंसी मार्च माह से सर्वे कार्य शुरू कर देगी। नए सर्वे के बाद सभी प्रॉपर्टी का डाटा ऑनलाइन ही चेक किया जा सकेगा।

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