जाधव को कंसुलर एक्सेस की सुविधा उपलब्ध कराने की भारत की मांग अभी उपयुक्त नहीं : पाकिस्तान

पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि कुलभूषण जाधव को कंसुलर एक्सेस की सुविधा देने की भारत की मांग इस समय उपयुक्त नहीं है क्योंकि यह मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में लंबित है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने यहां मीडिया से कहा कि भारत ने जाधव के पासपोर्ट के बारे में पाकिस्तान के सवालों का अब तक जवाब नहीं दिया है। जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल, 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोपों में मृत्युदंड सुनाया था।

पाकिस्तान का दावा है कि उसके सुरक्षाबलों ने जाधव को तीन मार्च, 2016 को बलूचिस्तान प्रांत से गिरफ्तार किया था जहां वह ईरान से कथित रूप से घुस गये थे। उधर, भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया जहां वह नौसना से सेवानिवृत्ति के बाद अपने कारोबार के सिलसिले में गये थे।

मीडिया ब्रीफिंग के दौरान फैसल ने कहा कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में है और ऐसे में कंसुलर एक्सेस का प्रश्न इस समय उपयुक्त नहीं है।
भारतीय संविधान से अनुच्छेद 370 खत्म करने की मांग के मुददे पर पूछे गये सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘अनुच्छेद को 370 को खत्म करना संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का उल्लंघन होगा। हम इसे किसी भी सूरतहाल में स्वीकार नहीं करेंगे और कश्मीरी भी इसे स्वीकार नहीं करेंगे।’’

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान नवंबर, 2019 में सिख धर्म के संस्थापक गुरूनानक देव की 550 वीं जयंती पर करतारपुर गलियारे को चालू करने के लिए कटिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि यदि गलियारा नहीं खुलता है तो भारत ही जिम्मेदार होगा। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘लेकिन बैठकें होनी महत्वपूर्ण है ताकि करतारपुर से संबंधित सभी मुद्दों का निराकरण हो। सैद्धांतिक रूप से हम इसे खोलने को तैयार हैं जैसा कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने घोषणा की है लेकिन अब यदि भारत इस पर राजी होता है तभी यह संभव होगा। ’’

भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तान ने इन खबरों पर उसकी चिंता का अबतक जवाब नहीं दिया है कि उसने (पाकिस्तान ने) उस समिति में कुछ विवादास्पद तत्व नियुक्त किये हैं जो करतारपुर गलियारे से संबद्ध होने वाली है।

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