Karauli Violence: करौली बॉर्डर पर रोकी गई भाजपा की न्याय यात्रा, कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की

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समाचार क्यारी डेस्क , करौली हिंसा को लेकर भाजयुमो और भाजपा नेताओं ने न्याय यात्रा निकाला। इस दौरान पुलिस ने न्याय यात्रा को करौली बॉर्डर पर रोक दिया। जिसके बाद भाजयुमो कार्यकर्ता और पुलिस में झड़प भी हुई। यात्रा को रोकने से आक्रोशित सतीश पूनिया, सासंद रंजीता कोली, सांसद मनोज राजोरिया सड़क पर ही धरने पर बैठ गए हैं। भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने गहलोत सरकार को चेतावनी दी कि उन्हें अगर जाने नहीं दिया गया तो यही पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। सूर्या ने कहा कि हर कीमत पर करौली जाएंगे, नहीं तो सामूहिक रूप से गिरफ्तारियां देंगे। इस दौरान ‘गहलोत हमसे डरता है’ और ‘जय श्री राम’ की जमकर नारेबाजी हुई। भारी पुलिस बल मौके पर तैनात है। पुलिस ने मौके पर तीन लेयर बैरिकेड्स लगा रखा है।

तेजस्वी सूर्या बुधवार को करौली पहुंचे। उनका करौली हिंसा पीड़िता हिंदू परिवारों से मुलाकात करने का कार्यक्रम था। भाजपा के कई बड़े नेता इस न्याय यात्रा में शामिल हुए। जिनमें भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया के अलावा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर और उपनेता प्रतिपक्ष नेता राजेंद्र राठौड़ सहित कई नेता शामिल रहे। हालांकि, न्याय यात्रा को रोकने से बवाल हो गया है।
युवा मोर्चा ने अपनी न्याय यात्रा को ‘करौली चलो’ का नारा दिया है। यह यात्रा बुधवार को 12 बजे भाजपा मुख्यालय से शुरू हुई, जो करौली तक जाएगी। भाजपा के न्याय यात्रा को देखते हुए करौली के सभी एंट्री मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं करौली में 14 अप्रैल तक कर्फ्यू बढ़ा दिया गया है।

करौली भेजा गया भारी पुलिस बल
वहीं न्याय यात्रा को लेकर तीन आईपीएस, 16 आरपीएस अधिकारियों को करौली रवाना किया गया था। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। करौली के 50 भाजपा नेताओं को पाबंद किया गया है कि अगर कोई उपद्रव हुआ तो कार्रवाई होगी। करौली में शांति को बनाए रखने के लिया कर्फ्यू की अवधि भी घटा दी गई है। अब दस बजे ही कर्फ्यू लागू कर दिया जाएगा।

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