प्रमोद सावंत बन सकते हैं गोवा के नए मुख्यमंत्री , देर रात होगा शपथग्रहण

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के अंतिम संस्कार से पहले ही गोवा में सियासी घमासान शुरू हो गया है। पर्रिकर के निधन के बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री की बनाने तलाश जारी है। पर्रिकर (63) का पणजी के पास उनके निजी आवास पर रविवार शाम निधन हो गया। वह पिछले एक साल से अग्नाशय संबंधी कैंसर से जूझ रहे थे।

मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के अंतिम संस्कार के बाद गोवा में नए मुख्यमंत्री के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मंथन शुरू हो गया है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और गोवा विधानसभा कि स्पीकर प्रमोद सावंत समेत बीजेपी के विधायक बैठक के लिए पणजी के एक होटल में पहुंच गए हैं।  केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मेरे दिल्ली लौटने से पहले ही  मुख्यमंत्री पद के लिए फैसला लिया जाए तो अच्छा है।  गडकरी ने कहा कि सीएम बीजेपी का ही होगा, हम सहयोगियों के संपर्क में हैं।

  • गोवा में एक मुख्यमंत्री और दो डिप्टी सीएम बन सकते हैं, प्रमोद सांवत सीएम जबकि सुदीन धावलीकर और  विजय सरदेसाई डिप्टी सीएम बन सकते हैं। प्रमोद सावंत गोवा विधानसभा के स्पीकर हैं।
  • सूत्रों के मुताबिक बीजेपी की तरफ से गोवा विधानसभा के स्पीकर प्रमोद सावंत राज्य के नए मुख्यमंत्री हो सकते हैं। वहीं सुदीन धावलीकर और  विजय सरदेसाई डिप्टी सीएम बन सकते हैं।
  • पणजी के एक होटल में बीजेपी की बैठक जारी है, जिसमें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और गोवा विधानसभा कि स्पीकर प्रमोद सावंत समेत बीजेपी के विधायक मौजूद हैं।

भाजपा सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रमोद सावंत और विश्वजीत राणे का नाम सबसे आगे है। रविवार की रात हुई भाजपा, इसके गठबंधन सहयोगियों- गोवा फॉरवर्ड पार्टी, एमजीपी और निर्दलीय विधायकों की बैठक बेनतीजा रही। गडकरी ने पर्रिकर का उत्तराधिकारी चुनने के लिए आज सुबह फिर से भाजपा और एमजीपी के साथ बैठक की।

राज्यपाल को लिखा पत्र

पणजी में सोमवार को सुबह कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर ने कहा कि राज्यपाल ने पार्टी के विधायकों को मिलने का समय देने से इनकार कर दिया जिसके बाद विधायकों ने बिना बुलाए ही राज भवन जाने का फैसला किया है। विपक्षी दल ने शुक्रवार को सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए राज्यपाल को पत्र लिखा था और रविवार को फिर से पत्र लिखा था। कावलेकर ने कहा, ‘‘हम सदन में बहुमत वाली पार्टी हैं और फिर भी मुलाकात का समय लेने के लिए संघर्ष करना पड़ा। हम मांग करते हैं कि हमें पर्रिकर के निधन के बाद भाजपा सरकार के ना रहने की स्थिति में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए।’’

कांग्रेस राज्य में अभी सबसे बड़ी पार्टी है। 40 सदस्यीय विधानसभा में उसके पास 14 विधायक हैं जबकि भाजपा के पास 12 विधायक हैं। इस साल की शुरुआत में भाजपा विधायक फ्रांसिस डीसूजा के निधन और रविवार को पर्रिकर के निधन तथा पिछले साल दो कांग्रेस विधायक सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोप्ते के इस्तीफे के कारण विधानसभा में सदस्यों की संख्या 36 रह गई है। गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी), महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी) के पास तीन-तीन विधायक हैं जबकि राकांपा के पास एक विधायक है। तीन निर्दलीय विधायक भी हैं। जीएफपी, एमजीपी और निर्दलीय विधायक पर्रिकर सरकार का हिस्सा थे।

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