चिलचिलाती गर्मी में यह समस्या बन रही है गंभीर,पीने का पानी भी हुआ जहरीला 

प्रदेश सरकार व जिला प्रसाशन के सभी दावे हुए फेल,आयुक्त बाढ़ नियंत्रण के लिए अधिकारीयों की ले चुके हैं बैठक ,यहाँ खुल रही है बड़े स्तर पर पोल 

इस समस्या से पीड़ित लोगों ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम ,इसके बाद दिल्ली -पिलानी मार्ग को करेंगे जाम 

एनएच के साथ बनाए जाने वाले नाले के कारण और अधिक बढ़ी समस्या 
समस्या हल के लिए नहीं पहुँच रहे हैं कोई भी अधिकारी ठेकेदार कर रहे हैं लापरवाही  
भिवानी में जहँ लोग 44 पार पारे के चलते बिजली,पानी के लिए बेबश है तो यहाँ सीवरेज की समस्या भी लोगों के घरों तक पहुँच गई है। सीवेरज का गन्दा पानी भिवानी के तेलीवाला महोला,धानकान बस्ती,पीपल वाली गली,रविदास महोला,बावड़ी गेट,जैन चौक सहित आधा दर्जन बस्तियों में सिरदर्द बना हुआ है जिसके समाधान के लिए जिला प्रसाशन के पास कोई भी पुख्ता प्रबंध नहीं हैं ,जिसके चलते करीब एक माह से यहाँ लोगों की बस्तियों में सीवरेज का गन्दा पानी बड़ी समस्या बना हुआ है। हालांकि पीछे एक सप्ताह पहले आयुक्त ने बाढ़ नियंत्रण के लिए अधिकारीयों की बैठक भी ली थी ,कि शहर में किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। लेकिन यहाँ तो सब उल्टा है कि अभी बारिश आई भी नहीं और शहर बिना बारिश के जलमग्न है ,सीवरेज का गन्दा पानी लोगों के घरों में दस्तक दे रहा है। यही नहीं इसके कारण बीमारियां तो बढ़ी हुई है साथ में पेयजल भी दूषित सप्लाई हो रहा है। जिसके कारण अनेक प्रकार की बीमारियां घर कर रही है।
 हालंकि यह समाचार कई दिनों से मिडिया और सोसल मिडिया पर भी आ  रहा है और स्थानीय लोग अधिकारीयों से भी मिल चुके हैं लेकिन अभीतक कोई खास कदम नहीं उठाया गया है। लोग ज्यों की त्यों इस समस्या से गहरे हुए हैं। समस्या का हल न होने पर स्थानीय लोगों ने दो दिन का अल्टीमेट दिया है कि समस्या हल नहीं हुई तो वे दिल्ली-पिलानी मार्ग पर सड़क को जाम करेंगे।  यहां लोगों का बदबू से जीना मुहाल हो गया है। यहां से गुजरने वाले राहगीरों व बच्चों को इसी सीवरेज के पानी में पैर रखकर गुजरना पड़ता है। समस्या से घिरे मकान मालिकों  व दुकानदारों ने आरोप लगाया कि पिछले 1 माह से इस चौक पर खड़े बदबूदार पानी के चलते उनकी दुकानदारी भी ठप्प होने की कगार पर आ गई है तथा साथ ही पास में स्थित स्कूल में भी छात्रों को इस सीवरेज के पानी से होकर गुजरना पड़ता है। सीवरेज के पानी से इस क्षेत्र में बीमारियां फैलने का अंदेशा भी बढ़ता जा रहा है। कई प्रकारकी बीमारिया बढ़ रही है और पेयजल की सप्लाई  भी दूषित आ रही है। घरों में  बच्चों को उल्टी,दस्त,वायरल,खासी -जुखाम ,चरम रोग सहित अनेक बीमारियां शिकार बना रही हैं।
इस क्षेत्र के अनिल कुमार,भगवानदास,नरेश ,सरोज,राहुल,अंजु देवी,अनिल पेंटर,संतोष ने बताया कि पिछले दो माह से यहां से कुछ दूरी पर नाले के निर्माण के चलते सीवरेज का पानी निकल नहीं पा रहा है तथा प्रशासन द्वारा  कोई वैकल्पिक व्यवस्था नही करने के चलते बदबूदार पानी यहीं  खड़ा  हो जाता है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां नाले के निर्माण का कार्य कछुआ चाल से चल रहा है। कर्मचारी यहां काम के लिए एक दिन आते है तथा छह: दिन काम बंद रहता है। जिसके चलते यहां से गुजरने वाले लोगों को बदबूदार पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कहा कि यह हाल यदि अभी हैं तो आने वाला बारिश का मौसम है तब हमारा क्या हाल रहेगा। उन्होंने अधिकारीयों पर आरोप लगाया है।
स मामले में जब संबंधित अधिकारी बलवान सिंह से मोबाईल पर बात कि तो उन्होंने कहा कि वे किसी काम से गए हुए हैं लेकिन उन्होंने इस समस्या पर बोलते हुए कहा कि यह समस्या शहर में सड़क के साथ नाला बनाया जा रहा है उसके कारण है,लेकिन हम इस समस्या को हल करने में लगे हुए हैं। वही मौके पहुंचे अधिकारीयों से इस मामले में बात की जाती है तो वे इससे उच्च अधिकारीयों का हवाला देकर कन्नी काट लेते हैं और इस समस्या पर अपना मुख नहीं खोलते।
यदि जिला प्रसाशन इस मामले का हल निकाले तो निकाल सकती है जब बढ़ के समय बड़ी समस्याओं को हल किया जाता है तो यह समस्या जिला प्रसाशन के लिए बहुत छोटी है ,यदि यहाँ इस जलभराव स्थल पर दो जरनेटर अतिरिक्त लगा दिए जाए तो पाईप लाइन के जरिये यह पानी दूसरे स्थान के सीवरेज में डाला जा सकता है लेकिन यहाँ ऐसा कदम नहीं उठाया गया है। क्योंकि ये पानी बस्तियों के घरों में हैं किसी अधिकारी और नेताओं के घरों में नहीं है यदि ऐसा होता तो चंद घंटों में यह समस्या हल हो सकती थी।

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