पीएम आवास योजना के लिए आया डेढ़ करोड़, चार माह बाद भी अधिकारी नहीं ढूंढ पाए जमीन

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बहादुरगढ़। गरीबों को छत देने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू हुए लगभग एक साल हो गया है, लेकिन शहरवासियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। क्योंकि करीब चार माह पहले सरकार की ओर से नगर परिषद को योजना के तहत डेढ़ करोड़ रुपये दिए गए हैं। चार माह बाद भी नप के अधिकारी पात्रों को दिए जाने वाले फ्लैटों के लिए जमीन तक नहीं ढूंढ पाए हैं और अब आचार संहिता खत्म होने के बाद योजना के लिए जमीन देखने की बात कह रहे हैं।

नगर परिषद के एक अधिकारी के मुताबिक दिसंबर में सरकार ने नगर परिषद के सचिव के सरकारी खाते में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए डेढ़ करोड़ रुपये दिए थे। अनदेखी के कारण अभी तक योजना के तहत बनने वाले फ्लैटों के लिए अभी तक जमीन नहीं देखी गई। उन्होंने बताया कि योजना के लिए शहर से करीब 6500 सौ आवेदन आए थे। जिसमें क्रेडिट लिंक सब्सिडी या मकान के मेंटिनेंस या नवनिर्माण के लिए 5697, बहुमंजिला इमारत के लिए 518, मकान के मेंटेनेंस या नवनिर्माण के आवेदन आए हैं। उन्होंने बताया कि योजना के लाभार्थियों को उनके मोबाइल में मैसेज भेजकर जानकारी दे दे गई है। अधिकारी का कहना है कि क्रेडिट लिंक सब्सिडी के लाभार्थियों के लिए अधिकारियों की एक टीम बनाई जाएगी, जिसमें प्रमुख बैंकों के अधिकारी भी शामिल होंगे। यह टीम लाभार्थियों का इंटरव्यू लेगी। इसके लिए डीसी झज्जर को पत्र लिखा गया है। अनुमति मिलने के बाद लाभार्थियों का इंटरव्यू किया जाएगा।

जमीन ढूंढने के सवाल पर काटा फोन
पीएम आवास योजना के तहत डेढ़ करोड़ आने के सवाल की पुष्टि करते हुए नगर परिषद के सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि पैसा योजना के तहत क्रेडिट लिंक सब्सिडी या मेंटिनेंस के तहत लाभाथियों के फार्म भराकर बैंकों में भेजे गए हैं। इसमें ढाई लाख तक की सब्सिडी दी जाएगी। इसके बाद जैसे ही गरीबों के लिए बनाए जाने वाले फ्लैट के जमीन के बारे में पूछा तो नगर परिषद के सचिव ने फोन काट दिया।

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