बिजली चालित वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के सरकार के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कार्यक्रम से विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा, रोजगार पैदा होगा:अरुण जेटली

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि बिजली चालित वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के सरकार के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कार्यक्रम से विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा, रोजगार पैदा होगा और साथ ही प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के इस्तेमाल को 15 इलेक्ट्रिक वाहन शामिल करने के मौके पर बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में जेटली ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी एक आकर्षक, टिकाऊ और फायदे वाला समाधान है। इससे इससे जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल असर को कम करने में मदद मिलेगी और साथ ही वाहनों से होने वाले उत्सर्जन से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को भी दूर किया जा सकेगा।

 

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए), वित्त मंत्रालय ने ऊर्जा दक्षता सेवा लि. (ईईएसएल) के साथ अधिकारियों के लिए 15 इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए करार पर दस्तखत किए हैं। इसी के साथ नार्थ ब्लॉक में इन वाहनों की चार्जिंग के लिए 28 चार्जिंग पॉइंट (24 धीमे चार्जिंग पॉइंट जो छह घंटे में चार्ज करेंगे और चार तेज चार्जिंग पॉइंट जो 90 मिनट में चार्ज करेंगे) लगाए गए हैं। बयान में कहा गया है कि इन वाहनों को लीज के आधार पर पांच साल के लिए शामिल किया गया है। इससे आर्थिक मामलों का विभाग हर साल करीब 36,000 लीटर ईंधन की बचत कर सकेगा और सालाना आधार पर 440 टन सीओ2 उत्सर्जन को घटाया जा सकेगा।

 

ये वाहन आटोमैटिक और पूर्ण वातानुकूलन के साथ शून्य उत्सर्जन वाले हैं। इस कार्यक्रम में जेटली के अलावा बिजली राज्यमंत्री आर के सिंह, वित्त सचिव अजय नारायण झा, आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग, बिजली सचिव अजय भल्ला और व्यय विभाग के विशेष कार्याधिकारी जी सी मुर्मू भी मौजूद थे।

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