चांद का हुआ दीदार, बुधवार को मनाई जाएगी ‘ ईद ‘

रोज़ेदारों को महीने भर रोज़े रखने के बाद मंगलवार शाम ईद के चांद का दीदार हो गया। राष्ट्रीय राजधानी समेत देश भर में बुधवार को ईद का त्यौहार मनाया जाएगा।
ईद के चांद का दीदार करने के लिए लोग रोज़ा इफ्तार करने और मगरीब (शाम) की नमाज़ पढ़ने के बाद छतों पर चढ़ गए और आसमान की ओर टकटकी लगाकर देखने लगे। चांद ने भी रोज़ेदारों को मायूस नहीं किया और अपना दीदार करा ही दिया। हालांकि चांद दिल्ली में तो नहीं दिखा, लेकिन मुल्क के अलग अलग हिस्सों में इसके दीदार हो गए जिसके बाद पूरे देश मेंईद उल फितर मनाने का ऐलान कर दिया गया। ईद का चांद दिखने के साथ ही रमज़ान का मुकद्दस (पवित्र) महीना खत्म हो गया।
दिल्ली की फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने भाषा को बताया कि देश भर में बुधवार को ईद का त्यौहार मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कोलकाता, बिहार में पटना समेत कई इलाकों, उत्तर प्रदेश के संभल और बनासर में, असम के अलावा कई जगहों से चांद के दीदार होने की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर बुधवार को इस्लामी कलैंडर के 10 वें महीने शव्वाल की पहली तारीख होने का ऐलान किया गया है।
शव्वाल की पहली तारीख को ईद उल फित्र का त्यौहार मनाया जाता है।
इमारत ए शरिया हिंद ने एक बयान जारी कर कहा कि दिल्ली में आसमान साफ नहीं होने की वजह से यहां चांद नहीं दिखा, लेकिन असम और गुजरात के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में लोगों ने चांद देखने पुष्टि की।
लिहाजा इमारत ए शरिया हिंद की रूअत ए हिलाल (चांद देखने वाली) कमेटी के सचिव मौलाना मुईजुद्दीन अहमद ने पांच जून को ईद उल फित्र मनाने का ऐलान कर दिया।
जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने भी बुधवार को ईद का त्यौहार मनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों से चांद दिखने की तस्दीक हुई है जिसके बाद कल ईद मनाने का ऐलान कर दिया गया।
दिल्ली में ईद की विशेष नमाज़ सबसे पहले पुरानी दिल्ली के चूड़ीवालान की हौज़ वाली मस्जिद में सुबह पांच बजकर 45 मिनट पर होगी, जबकि ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद में सुबह सवा सात बजे तो चांदनी चौक स्थित मुगलकालीन फतेहपुरी मस्जिद में सुबह सवा आठ बजे नमाज अदा की जाएगी।
गौरतलब है कि ईद का त्यौहार रमजान के रोज रखने बाद मनाया जाता है। इस बार रमजान का महीना सात मई से शुरू हुआ था और चार जून को खत्म हो गया। रमजान के महीने में रोज़ेदार सुबह सूरज निकलने से लेकर शाम को सूरज डूबने तक कुछ भी खाते पीते नहीं हैं। यहां तक की पानी भी नहीं पीते हैं। इस बार भीषण गर्मी पड़ने की वजह से रमज़ान के महीने ने रोज़ेदारों का कड़ा इम्तिहान लिया, क्योंकि पारा 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास तक पहुंच गया था।
बहरहाल, सउदी अरब समेत खाड़ी के देशों में सोमवार को ईद का चांद नजर आ गया था और मंगलवार को वहां ईद मना ली गई। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा था कि भारत में बुधवार को ईद मनाई जाएगी। आम तौर पर सउदी अरब में ईद मनाने के एक दिन बाद भारत में यह त्यौहार मनाया जाता है।

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