कर्नाटक में सरकार बचाने की कोशिशें जारी, बागी विधायकों को मनाने मुंबई पहुंचे नागराज

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कर्नाटक में विधायकों के इस्तीफे से शुरू हुए ‘नाटक’ को लगभग एक हफ्ता बीत चुका है लेकिन इसके बावजूद राज्य की सियासी तस्वीर स्पष्ट होती नहीं दिख रही है। कांग्रेस के रणनीतिकारों को उम्मीद है कि उनकी और जेडीएस की गठबंधन सरकार पर कोई आंच नहीं आएगी और वह सदन में विश्वास मत हासिल कर लेंगी। वहीं कांग्रेस के बागी विधाय एमटीबी नागराज जिन्होंने जी परमेश्वर, सिद्धारमैया और डीके शिकुमार के साथ मुलाकात के बाद अपने तेवर नरम करने के संकेत दिए थे वह रविवार को मुंबई पहुंच गए हैं। महानगरी में ही अन्य बागी विधायकों ने डेरा जमाया हुआ है।

कांग्रेस ने बुलाई विधायक दल की बैठक

शनिवार को कांग्रेस के रणनीतिकार दिनभर बागी विधायकों को मनाने की जुगत में लगे रहे। सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है। कांग्रेस के ‘संकटमोचक’ कहे जा रहे शिवकुमार ने रविवार को भरोसा जताते हुए कहा कि विश्वासमत के दौरान उनकी पार्टी के सभी विधायक मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे अपने विधायकों पर पूरा विश्वास है। वे कांग्रेस पार्टी से चुने गए हैं और वे लंबे समय से पार्टी के साथ हैं। अपने इलाकों में उन्होंने बाघ की तरह लड़ाई लड़ी है।’

मांगें मानने को तैयार है पार्टी

शिवकुमार ने आगे कहा, ‘विश्वासमत के दौरान वह कानूनी रूप से अच्छी तरह परिचित हैं। कानून एकदम स्पष्ट है। यदि वह विश्वासमत के खिलाफ वोट करते हैं तो उनकी सदस्यता खत्म हो जाएगी। कांग्रेस पार्टी उनकी मांगों को मानने के लिए तैयार है। हमें इस तरह के संकेत मिले हैं कि वह हमारी सरकार को बचा लेंगे।’

महाराष्ट्र पहुंचे एमटीबी नागराज

कांग्रेस के विधायक एमटीबी नागराज भाजपा नेता आर अशोक के साथ मुंबई हवाई अड्डे पहुंच गए हैं। शनिवार को नागराज ने कहा, ‘मैने कांग्रेस में रहने का फैसला किया है। मैं के सुधाकर से बात करके उन्हें भी वापस लाउंगा। यदि वह मान जाते हैं तो मैं वापस आ जाउंगा। यदि वह नहीं मानते तो मैं अकेले वापस आकर क्या करुंगा?’ नागराज और सुधाकर ने विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार को बुधवार को अपना इस्तीफा सौंपा था।

तुरंत इस्तीफा दें कुमारस्वामी 

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कहा, ‘मैं मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से अनुरोध करता हूं कि वह अपने पद से इस्तीफा दे दें। कांग्रेस-जेडीएस के 15 से ज्यादा विधायक और दो निर्दलीय मंत्री इस्तीफा दे चुके हैं और उन्होंने इस बात के संकेत दिए हैं कि वह भाजपा का समर्थन करेंगे।’

कर्नाटक में फिर लौटी ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’

कर्नाटक में एक बार फिर से ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ लौट गई है। विधायक पांच सितारा होटल का लुत्फ उठा रहे हैं। सत्ता पर काबिज कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के साथ ही भाजपा ने अपने-अपने विधायकों को रिसॉर्ट में सुरक्षित ठहराया हुआ है। कांग्रेस-जेडीएस को अपने जिस विधायक पर जरा भी शक है उसे रिजॉर्ट या होटल में भेजा जा चुका है। इनमें वे विधायक शामिल हैं जो पहली बार चुनकर आए हैं या फिर जिनकी निष्ठा ‘संदिग्ध’ है।

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