फसल अवशेष जलाने की प्रवृति से बचे किसान, अवशेषों से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाए : संजय जून

डीसी संजय जून ने दी जानकारी, कस्टम हायरिंग सेंटर फसल अवशेष निपटान में कारगर  

फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की निगरानी के लिए जिला, उपमंडल व ग्राम स्तर पर किया गया निगरानी समितियों का हुआ गठन

झज्जर, समाचार क्यारी ,संजय शर्मा /रवी कुमार:- उपायुक्त संजय जून ने जिला के किसानों से अपील की है कि रबी सीजन की फसलों की कटाई के उपरांत खेतों में फसल अवशेष न जलाए। फसल अवशेष जलाने के पर्यावरण के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति को नुकसान पहुंचता है इसके साथ ही यह गैरकानूनी भी है।
श्री संजय जून ने किसानों को फसल अवशेष जलाने की प्रवृति से बचने की सलाह देते हुए कहा कि फसल अवशेष के उचित निपटान के लिए किसानों को अत्याधुनिक उपकरणों का प्रयोग करना चाहिए। झज्जर जिला में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के माध्यम से 24 कस्टम हायरिंग सेंटर खोले गए है। इन सेंटर्स के माध्यम से किसान उचित दरों पर कृषि उपकरण प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का इस्तेमाल पशु चारा या उन्हें पुन: मिट्टी में मिलाने के लिए यह उपकरण बेहद कारगर है। फसल अवशेष जलाने की प्रवृति पर रोक लगाने के लिए जिला, उपमंडल व ग्राम स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया है। खेतों में फसली अवशेष जलाने पर अनेक बार साथ लगती फसल व ट्रैक्टर व अन्य कृषि उपकरण भी आगजनी की चपेट में आ जाते हैं।
उप कृषि निदेशक इंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला स्तरीय निगरानी समिति की अध्यक्षता उपायुक्त करेंगे। इस समिति में उपनिदेशक कृषि सदस्य सचिव तथा समिति में उपमंडल अधिकारी (ना.) झज्जर, नगराधीश, उप पुलिस अधीक्षक झज्जर, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी व कार्यकारी अभियंता प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सदस्य होंगे। इसी प्रकार उपमंडल स्तर पर उपमंडल अधिकारी (ना.) की अध्यक्षता में तीन सदस्य नामत: संबंधित सीआरओ(तहसीलदार/नायब तहसीलदार), बीडीपीओ, एसडीओ कृषि होंगे। वहीं ग्राम स्तर पर संबंधित सरपंच, ग्राम सचिव, पटवारी, नंबरदार, चौकीदार व एडीओ कृषि निगरानी समिति के सदस्य होंगे।

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