कोविड अस्पतालों में 50% से भी कम बेड खाली,हर 10 लाख आबादी पर 1460 संक्रमित

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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को फैसला लिया कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में सिर्फ दिल्लीवालों का इलाज होगा। हालांकि, केंद्र सरकार के अधीन आने वाले अस्पताल सभी के लिए खुले रहेंगे, लेकिन फैसले के एक दिन बाद ही उपराज्यपाल अनिल बैजल ने इसे पलट दिया।

17 हजार 712 एक्टिव केस

रिपोर्ट में ऐसी सिफारिश इसलिए, क्योंकि राजधानी में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। covid19india.org के मुताबिक, दिल्ली में 8 जून तक कोरोना के करीब 30 हजार केस मिले। 874 की मौत हुई। यहां 17 हजार 712 एक्टिव केस हैं।

दिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 83 कोविड अस्पताल हैं। इनमें 8 हजार 575 बेड हैं। इनमें से 4 हजार 413 बेड पर मरीज हैं, जबकि 4 हजार 162 बेड खाली हैं। यानी, जितने बेड हैं उनमें से अब 50% से भी कम ही खाली हैं।

प्राइवेट अस्पतालों में 32.5% बेड खाली

83 कोविड अस्पतालों में 9 सरकारी और 74 निजी अस्पताल हैं। सरकारी की तुलना में निजी अस्पतालों के ज्यादातर बेड पर मरीज हैं। निजी अस्पतालों में 2 हजार 887 बेड हैं। इनमें से अब 937 यानी 32.5% बेड ही खाली हैं। जबकि, सरकारी अस्पतालों के 5 हजार 678 बिस्तरों में से 3 हजार 215, यानी 57% खाली हैं। यहां 518 वेंटिलेटर बेड में से 251 पर मरीज हैं, जबकि 267 ही खाली हैं।

इन सबके अलावा, 7 जून तक कोविड हेल्थ सेंटर में 101 और कोविड केयर सेंटर में 4 हजार 474 बेड खाली बचे हैं।

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