मोहाली हमले की सीसीटीवी फुटेज: चलती कार से दागा गया था रॉकेट, पिज्जा डिलीवरी ब्वाय से मिला था इनपुट

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मोहाली के सेक्टर-77 स्थित पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हुए हमले की पहली सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। इस फुटेज में दिख रहा है कि चलती कार से ही रॉकेट दागा गया था। सफेद रंग की स्विफ्ट कार से यह हमला किया गया था। इससे पहले बुधवार सुबह फरीदकोट पुलिस ने मोहाली ब्लास्ट में तरनतारन जिले के गांव कुल्ला निवासी निशान सिंह को पकड़ा है। आरोपी को मोहाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी निशान के पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर रिंदा के साथ संबंध है। उसके साथ बातचीत करने के सबूत भी सामने आए हैं। वहीं आरोपी के परिजन कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर रहे है, लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि तीन दिन से निशान गायब था।

पिज्जा डिलीवरी ब्वाय से मिला था कार का इनपुट

पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हुए हमले की परतें अब खुलने लगी हैं। सूत्रों के मुताबिक हमले से ठीक पहले इस दफ्तर में उच्च अधिकारियों की मीटिंग हुई थी। इसके बाद एक कर्मचारी की तरफ से पिज्जा मंगवाया गया था। सोमवार शाम सात बजकर 40 मिनट पर डिलीवरी ब्वाय पिज्जा देने आया था। जैसे ही वह पिज्जा लेकर इमारत के अंदर जाने लगा तभी एक धमाका हुआ। साथ ही तेज रोशनी पूरे इलाके में फैल गई। पिज्जा लेकर जा रहे व्यक्ति को लगा कि एसी में ब्लास्ट हुआ है। लेकिन जब कर्मचारी कमरे में पहुंचे तो वहां पर ग्रेनेड पड़ा था। घटना को लेकर पिज्जा ब्वाय से पूछताछ की गई है। उसने पुलिस को बताया कि जब वह पिज्जा देने आ रहा था तो उसने वहां से एक कार निकलते हुए देखी है।

पहली बार हुआ है आरपीजी का इस्तेमाल

मोहाली में पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस विंग के मुख्यालय पर हुए हमले ने पंजाब के अलावा राष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों को भी सकते में ला दिया है। इस हमले में राष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों के लिए खास बात यह है कि पहली बार हमलावरों ने आरपीजी यानी रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (राकेट के जरिए दागा जाने वाला ग्रेनेड) का इस्तेमाल किया है। पंजाब में आतंकवाद के दौर में भी इस हथियार का उपयोग नहीं हुआ था और पाकिस्तान से भारत में मुंबई समेत अन्य राज्यों में भी आतंकी हमलों के दौरान यह हथियार सामने नहीं आया था। हालांकि जम्मू-कश्मीर में घरों के करीब हमलों के दौरान आतंकियों द्वारा इस हथियार का इस्तेमाल होता रहा है। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने मारे गए आतंकवादियों के पास से आरपीजी बरामद किए हैं और इसके इस्तेमाल के सबूत भी मिले हैं। फिलहाल यह हथियार अफगानिस्तान में आतंकी पाक-अफगान सीमा पर इस्तेमाल करते हैं।

पुलिस ने उस लांचर को भी बरामद कर लिया है, जिससे रॉकेट चलित ग्रेनेड (आरपीजी) को दागा गया था। लांचर चीन निर्मित बताया जा रहा है। पंजाब पुलिस के डीजीपी वीके भावरा ने बताया कि आरपीजी में ट्रिनिट्रोटोल्यूइन (टीएनटी) विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। इसका इस्तेमाल आमतौर पर श्रीनगर में आतंकी हमले के दौरान होता रहा है।

आतंकी रिंदा से जुड़े तार

मोहाली हमले के तार पड़ोसी देश पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा से जुड़ रहे हैं। पुलिस को जांच में इस संबंध में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा के इशारे पर ही हमला हुआ था। शुरुआती सूचना के मुताबिक पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस बात के पुख्ता प्रमाण मिले हैं कि रिंदा ने अपने दो स्थानीय हैंडलरों का इस्तेमाल किया। उसका मुख्य उदेश्य राज्य में अशांति फैलाना है। हरविंदर सिंह रिंदा वही आतंकी है जिसके इशारे पर पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से पंजाब में हथियारों की सप्लाई हुई थी।

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