विभाग ने टूटी नहर कराई दुरुस्त, खेतों से पानी निकासी भी शुरू

बौंदकलां। सिंचाई विभाग ने वीरवार दोपहर टूटी बौंदकलां नहर को 20 घंटे बाद दुरुस्त करवा दिया है। इसके साथ ही विभाग ने खेतों में जमा पानी की निकासी भी शुरू कर दी है। फसलों में जमा पानी को निकालने में 48 से 72 घंटे का समय लग सकता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मोटरों के जरिए खेतों से पानी का उठान किया जा रहा है। वहीं, उद्घाटन के एक माह बाद ही नहर टूटने के कारणों की जांच भी करेगा। इस संबंध में उच्चाधिकारियों की तरफ से आदेश जारी किए जा चुके हैं।

ज्ञात रहे कि वीरवार को बौंदकलां नहर की पटरी का करीब 30 फीट टुकड़ा टूट गया था। इससे नहर में चल रहा 120 क्यूसेक पानी ओवरफ्लो होकर साथ लगते खेतों में जा पहुंचा था। नहर टूटने के कारण करीब 100 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलमग्न हो गई थी। वहीं नहर टूटने के कुछ घंटों बाद मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर को दुरुस्त कराने का काम शुरू करवा दिया था। करीब 20 घंटे बाद नहर के टूटे हिस्से को पाटकर दोबारा से सिंचाई विभाग ने पानी छोड़ दिया है। इसके साथ ही डीच ड्रेन से पानी का उठान करवाकर नहर में डालने का काम भी शुरू करवा दिया गया है। इस नहर का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गत तीन मार्च को चंडीगढ़ से किया था। इसके निर्माण पर 9.65 करोड़ की लागत आई थी। उद्घाटन होने के बाद गत 30 मार्च को ही नहर में पानी छोड़ा गया था। वीरवार दोपहर करीब 12 बजे नहर टूट गई थी।

दो दिनों में करवा दी जाएगी फसल से पानी की निकासी : एसडीओ
सिंचाई विभाग के एसडीओ विकास सहरावत ने बताया कि विभाग ने नहर टूटने के बाद ही नहर को पाटने के लिए कर्मचारियों को काम पर लगा दिया था। शुक्रवार सुबह साढ़े सात बजे तक टूटे हिस्से को मिट्टी व कट्टे लगाकर बंद करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक माह पहले ही नहर का उद्घाटन हुआ था और इसलिए इसके टूटने के कारण का भी पता लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल में जमा नहर पानी की निकासी वीरवार शाम छह बजे ही आरंभ कर दी थी। अगले दो दिनों में ही पानी की निकासी करवा दी जाएगी। शुक्रवार सुबह 8 बजे नहर में 50 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। नहर मेें पानी सात अप्रैल की सुबह तक चलेगा।

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