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SC पश्चिम बंगाल के तीन अधिकारियों की उपस्थिति के बारे में बुधवार को करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और कोलकाता के पुलिस आयुक्त को शारदा चिटफंड घोटाले से संबंधित अवमानना के मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के बारे में मंगलवार को कोई आदेश पारित नहीं करने का निर्णय लिया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि इस मामले पर बुधवार को सुनवाई की जायेगी।

पीठ ने कहा, ‘‘हम कोई आदेश पारित नहीं कर रहे हैं। हम इस मामले को कल लेंगे।’’ सुप्रीम कोर्ट के पांच फरवरी के आदेश के अनुरूप यह मामला सूचीबद्ध हुआ था कि क्या प्रदेश के मुख्य सचिव मलय कुमार डे, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वीरेन्द्र कुमार और कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया जाये या नहीं।

कोर्ट ने कहा था कि वह इन अधिकारियों के हलफनामों के अवलोकन के बाद ही इस संबंध में निर्णय लेगा। सुप्रीम कोर्ट ने पांच फरवरी को सीबीआई के आरोपों पर इन अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किये थे। जांच ब्यूरो का आरोप था कि उन्होंने एजेन्सी के काम में बाधा डाली और वे शारदा चिटफंड घोटाले से संबंधित मामलों के इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे।

हालांकि पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस ने अपने हलफनामों में सीबीआई के इन आरोपों को खारिज किया कि उन्होंने शारदा चिटफंड घोटाले की जांच को बाधित किया है। प्रदेश की पुलिस ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी ने बिना उपयुक्त कागजात के तीन फरवरी को कोलकाता के पुलिस आयुक्त के आवास में जबरन प्रवेश करने की कोशिश की थी।

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