हरियाणा चुनाव: अंबाला समेत 10 सीटों पर ‘अपनों’ से ही कांग्रेस परेशान

44 वर्षीया चित्रा सरवारा को राहुल गांधी के करीबी के रूप में देखा जाता था। उनके कांग्रेस अध्यक्ष कार्यकाल के दौरान चित्रा को महिला कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी का नेशनल सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर बनाया गया था। हालांकि मौजूदा हरियाणा चुनाव में चित्रा और उनके पिता निर्मल सिंह के चलते कांग्रेस को अंबाला जिले की दो विधानसभा सीटों पर भारी नुकसान उठाना पड़ सकता हैं।

अपने प्रचार के दौरान चित्रा ने कहा, ‘हाथ ने हमारा साथ छोड़ दिया। एक टिकट किसी को उम्मीदवार बना सकता है, लेकिन नेता नहीं।’ वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी माने जाने वाले और उनकी सरकार में मंत्री रहे निर्मल सिंह भी अंबाला शहर से चुनावी मैदान में हैं। टिकट नहीं मिलने के बावजूद चुनाव लड़ने के चलते दोनों को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया है।

अंबाला की तरह राज्य की कम से कम 10 सीटों पर कांग्रेस की ऐसी ही स्थिति है, जहां उसके बड़े नेता बागी होकर चुनावी मैदान में हैं। इनमें 8 पूर्व विधायक हैं। इनमें गुड़गांव, बेरी, अटेली, इंदरी, करनाल जिले की असंध और हिसार जिले की हांसी, उकलाना और बरवाला विधानसभा सीटें शामिल है।

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