सरकार: राज्य में नहीं बढ़ेंगी बिजली की दरें, एग्रो इंडस्ट्री को 2.30 रु. की राहत

हरियाणा

एग्रो इंडस्ट्रीज की नई 20 किलोवाट तक की लोड टैरिफ श्रेणी पहली बार बनाई है। इसके तहत ऐसी इकाइयों से 4.75 रुपए प्रति यूनिट की रियायती दर ली जाएगी। पहले उन पर 7 रुपए 5 पैसे प्रति यूनिट लिए जा रहे रहे थे। एग्रो इंडस्ट्री से संबंधित उपभोक्ताओं को करीब 42.5 करोड़ रुपए का कुल लाभ होने का अनुमान है।

एचआईआरसी की ओर से एग्रो इंडस्ट्रीज की श्रेणी में पैक हाउस, ग्रेडिंग, पैकिंग, प्री-कूलिंग और राइपनिंग चैंबर, मधुमक्खी पालन, शहद प्रसंस्करण, मशरूम की खेती, टिशू कल्चर, झिंगा और मछली पालन, पोल्ट्री फार्म, सुअर फार्म, मिल्क चिलिंग प्लांट और  कोल्ड स्टोरेज के बिजली उपभोक्ताओं को शामिल किया है। टैरिफ में कमी होने से खासकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विविधीकरण को काफी बढ़ावा मिलेगा। बता दें कि प्रदेश में 67 लाख 98 हजार 55 बिजली उपभोक्ता हैं।

इंडस्ट्री को 850 करोड़ के आर्थिक बोझ से बचाया
एचटी/एलटी इंडस्ट्रियल कंज्यूमर्स, कमर्शियल कंज्यूमर्स, रेलवे-डीएमआरसी के सामने आने वाली कठिनाई को देखते हुए बिजली उपभोक्ताओं को टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना से बचने के लिए, हरियाणा पावर यूटिलिटीज यानी एचपीजीसीएल, एचवीपीएनएल, यूएचबीवीएनएल और डीएचबीवीएनएल को 850 करोड़ रुपए की अनुमानित रिटर्न ऑन इक्विटी की अनुमति नहीं दी है।  यदि ऐसा होता तो खासकर इंडस्ट्री पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता था।

एग्रीकल्चर के लिए बिजली निगमों को मिलेगी 6650 करोड़ रुपए सब्सिडी
एचईआरसी ने 2020-21 के लिए 27,835 करोड़ रुपए का एनुअल रेवन्यू रिक्वायर्ड (एआरआर) दिया है। 2020-21 के लिए 2180 करोड़ रुपए की एक पूंजीगत व्यय योजना को मंजूरी दी है। ऑर्डर में 2020-21 के दौरान 9217 मिलियन यूनिट्स एग्रीकल्चर बिजली बिक्री का अनुमान है, जिसके लिए बिजली विभाग 6650 करोड़ रुपए की सब्सिडी देगा।

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