60 हजार क्विंटल गेहूं और सरसों भीगी,अधूरे इंतजामों की खोली पोल

चरखी दादरी। बारिश ने मंडी में अधूरे इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। बुधवार दोपहर को हुई बारिश से मंडी में अन्नदाताओं के अन्न की बेकद्री देखने को मिली। खुले आसमान के नीचे रखे करीब 60 हजार क्विंटल गेहूं और सरसों भीग गई। लिफ्टिंग की प्रक्रिया ढीली होने को अनाज भीगने का भी कारण बताया जा रहा है। जिले की मंडियों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में कटा और खड़ा अनाज भीग गया। व्यवस्थाओं को लेकर मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों की कार्रवाई भी आढ़तियों को नोटिस देने तक सीमित नजर आई। बुधवार तक दादरी मंडी में 1.19 लाख क्विंटल सरसों खरीदी गई जिसमें से करीब 85 हजार क्विंटल का ही उठान किया गया है। वहीं 29999 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई और करीब दो हजार क्विंटल का ही उठान हो पाया है।दो दिन नहीं होगी खरीद, 22 व 23 को फसल बेच सकेंगे किसान
बुधवार दोपहर बाद हुई बारिश से अनाज मंडी में खरीद प्रक्रिया पर भी ब्रेक लग गए हैं। मार्केटिंग बोर्ड ने मौसम को देखकर 18 व 19 अप्रैल के शेड्यूल को स्थगित कर दिया है। मंडी सुपरवाइजर रामकिशन का कहना है कि जिन गांवों के किसानों को 19 व 19 अप्रैल का शेड्यूल था वो अब 22 व 23 अप्रैल को मंडी आकर अपनी सरसों बेच सकते हैं। उन्होंने बताया कि आगामी दो दिन भीगे अनाज को सूखाने और फिर लिफ्टिंग कराने की कार्रवाई मंडी में चलेेगी।सुबह नहीं कटे गेट पास, आढ़तियों ने किया हंगामा
अनाज मंडी में लिफ्टिंग प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है। बुधवार को साइट नहीं चलने से गेट पास नहीं कट पाए और इसके चलते गाड़ियों में लोड अनाज गोदामों तक नहीं पहुंच पाया। गेट पास न कटने पर आढ़तियों व गाड़ी मालिकों की गेट पास काट रहे ऑपरेटर से तू-तड़ाक भी हुई। करीब आधे घंटे तक वहां हंगामे की स्थिति रही और इस दौरान आढ़तियों ने चहेतों को ही गेट पास जारी करने के आरोप लगाए। हालांकि ऑपरेटर ने तकनीकी खामी का हवाला देकर इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।

मौसम के करवट लेने से सोमवार शाम और मंगलवार को भी बूंदाबांदी हुई थी। हालांकि इससे अनाज में केवल नमी ही आई थी।  इसके बाद भी इंतजाम पूरे करने के लिए अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाए और नतीजन 60 हजार क्विंटल अनाज मंडी में भीग गया।

अधिकारी 30 हजार तो आढ़ती 60 हजार क्विंटल अनाज बता रहे भीगा
मंडी सुपरवाइजर रामकिशन का कहना है कि बुधवार को बारिश से करीब 30 हजार क्विंटल अनाज भीगा है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर अनाज पांच टीन शेड के नीचे रखा हुआ है जो बारिश से नहीं भीगा है। उन्होंने बताया कि आढ़तियों को मंगलवार शाम और बुधवार सुबह अनाज को ढकने की व्यवस्थाएं बनाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। वहीं, मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने बताया कि बारिश से करीब 60 हजार क्विंटल अनाज भीगा है और इसका लिफ्टिंग धीमी होना है। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल के बाद से ही मंडी में लिफ्टिंग की समस्या बनी हुई है।

खेतों में खड़ी और कटी फसल का सिकुडे़गा दाना : एडीओ
एडीओ रमेश कुमार ने बताया कि बारिश और अंधड़ से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछने पर अब गेहूं का दाना सिकुड़ जाएगा। दाना की चमक फीकी पड़ जाएगी और आकार भी पूरा नहीं बन सकेगा। नमी से फंगस लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। कटाई करते समय जड़े उखड़ेंगी और बाद में थ्रेसर से गेहूं की कढ़ाई करने पर मिट्टी की कंकड़ का गेहूं में मिश्रण होना भी स्वाभाविक है।

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