स्वच्छ रखने का संकल्प लेकर आगे बढ़ना होगा : खट्टर

चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि स्वच्छ जल हम सभी की जरूरत है इसलिए हमें नदियों, तालाबों और अन्य जलधाराओं को स्वच्छ रखने का संकल्प लेकर आगे बढ़ना होगा ताकि भावी पीढ़ी को हम यह सौगात सौंप सकें। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने यह विचार गत सांय प्रयागराज के अरैल स्थित स्वामी चिदानन्द जी महाराज के श्री परमार्थ निकेतन शिविर में स्वच्छ पेयजल को लेकर तैयार मॉडल को देखने के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।

उन्होंने परमार्थ निकेतन में सम्पूर्ण विश्व को स्वच्छ जल की कामना को लेकर शिविर में स्थापित किए गए ग्लोब मॉडल पर जलाभिषेक भी किया। इसके साथ ही उन्होंने परमार्थ निकेतन द्वारा पराली के एग्री बोर्ड सेे बनने वाले मकानो की डॉक्यूमैंट्री भी देखी। मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हरियाणा राज्य में भी स्वच्छ पेयजल आपूर्ति को लेकर कार्य किए जा रहे हैं और प्रदेश के तालाबों को बचाने के लिए अलग से प्राधिकरण का गठन किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार द्वारा निर्मल व अविरल गंगा के लिए नमामि गंगे योजना शुरू की गई है। हरियाणा सरकार राज्य से गुजरने वाली यमुना नदी को स्वच्छ करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल पंचायती अखाड़ा, बड़ा उदासीन निर्वाण में पंहुचे। शिविर में पंहुचने पर श्री महंत महेश्वर दास ने उनका स्वागत किया और हरियाणा सरकार द्वारा गीता जयंती को अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पंहुचाने के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका आभार जताया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा हर वर्ग के कल्याणार्थ कार्य किए जा रहे हैं जोकि एक संत परम्परा के अनुरूप कार्य है। मुख्यमंत्री ने शिविर में उपस्थित साधुओं से साधुवाद करते हुए उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया।मुख्यमंत्री कुंभ यात्रा के दौरान श्री गुरू काष्र्णि कुंभ मेला शिविर भी गए। यहां गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द जी महाराज ने उनका स्वागत किया और शिविर में चल रही विभिन्न धार्मिक क्रियाकलापों के बारे में उन्हें अवगत करवाया।

मुख्यमंत्री खट्टर ने स्वामी ज्ञानानन्द जी महाराज के साथ भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का मंचन भी देखा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को कुंभ में पंहुचने पर बधाई दी और कहा कि यह विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक मेला हमारी परम्पराओं में सम्माहित है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *