युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया द्वारा फैलायी जा रही अश्लीलता से बचाने की जरुरत – विशदसागर महाराज

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गुरुग्राम, मंजू:-       जैकमपुरा स्थित श्री 1008 पाश्र्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर की जैन बारादरी में जैन आचार्य श्री 108 विशदसागर महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि अंग्रेजों को भारत छोड़े आज सात दशक ये अधिक हो गए हैं लेकिन जाते-जाते पाश्चात्त्य सभ्यता का जो बीज वह रोप कर गए, उसने आज बट वृक्ष का रुप धारण कर लिया है। आज हमारे खान-पान व रहन-सहन में पाश्चात्त्य सभ्यता घर कर गई है। पारिवारिक जीवन की सारी मर्यादाएं भंग हो गई है।
      पाश्चात्त्य सभ्यता के इस तेजी से हो रहे प्रसार से चारों ओर अश्लीलता का बोलबाला हो रहा है। विशेषतयाः मोबाइल फोन, सोशल मीडिया (फेस बुक, यू-ट्यूब, ट्विटर, इस्टाग्राम, वाट्सअप) तथा इंटरनेट के जरिए अश्लील चित्रों/विडियो के बेधड़क प्रचार-प्रसार से युवा पीढ़ी की मानसिकता पर खतरनाक प्रभाव पड़ रहा है। इसका नतीजा यह है कि एक ओर आज के युवा अपराधों विशेषकर सेक्स अपराधों में लिप्त हो रहे हैं और दूसरी ओर बच्चों तथा महिलाओं के विरुद्ध छेड़छाड़ तथा सामूहिक बलात्कार एवं बाल सेक्स जैसे अपराध बढ़ रहे है।
         उन्होनें आगे कहा कि हमारी संस्कृति के विरुद्ध वैलेंटाइन डे जैसे प्रोग्राम न केवल हमारे नैतिक मूल्यों का हनन कर रहे है अपितु अश्लीलता को भी बढ़ावा दे रहे है।
महाराज जी ने टीवी प्रोग्रामों का आचार संहिता को सख्ती से लागू किए जाने पर बल दिया ताकि बच्चों और महिलाओं के विरुद्ध अश्लीलता तथा अपराधों को बढ़ावा देने वाले प्रोग्रामों पर प्रतिबन्ध लगाया जा सके। उन्होनें कहा कि जहां एक ओर सरकार और प्रशासन को अश्लीलता रोकने के लिए जरुरी कानूनी कदम उठाने चाहिए, वहीं धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक, महिला, राजनैतिक तथा गैर सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर समाज में बढ़ती अश्लीलता और इससे उपजे अपराधों की रोकथाम के प्रति जागरुकता पैदा करनी चाहिए।
        उन्होनें सभी से आग्रह किया कि समाज के कुशल नेतृत्त्व में जहां युवाओं तथा महिलाओं के उत्थान के लिए महत्त्वपूर्ण कार्य हो रहे है। वहीं आपसे अपेक्षा है कि आप “अश्लीलता मुक्त भारत” के इस महा अभियान को मूत्र्त रुप देने में अपना बहुमूल्य योगदान दें।

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