टीम इंडिया को हराते ही न्यूजीलैंड ने तीन टी-20 मैच की सीरीज 2-1 से अपने नाम की

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हेमिल्टन में खेले गए तीसरे और फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत को चार रन से मात दी। कांटे के इस मुकाबले में टीम इंडिया को हराते ही न्यूजीलैंड ने तीन टी-20 मैच की सीरीज 2-1 से अपने नाम की। सीरीज के पहले मैच में न्यूजीलैंड ने रिकॉर्ड 80 रन से जीत दर्ज की थी वहीं दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए मेजबान कीवी टीम को 7 विकेट से रौंद डाला था। हालांकि मेहमान टीम तीसरे मैच में अपने प्रदर्शन को दोहराने में कामयाब नहीं हो सकी।

न्यूजीलैंड ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 213 रन का लक्ष्य रखा। जवाब में भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवर्स में छह विकेट के नुकसान पर 208 रन ही बना पाई।
जीत के लिए 213 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम आखिर गेंद चले इस रोमांचक मैच में 208 रन ही बना सकी। भारत की ओर से विजय शंकर ने (43) सबसे ज्यादा रन बनाए।

कॉलिन मुनरों को उनकी 40 गेंदों में 72 रन की तेज पारी के चलते मैन ऑफ द मैच चुना गया। ‘मैन ऑफ द सीरीज’ टीम सीफर्ट रहे।

आखिरी ओवर में भारतीय रणबांकुरों को 16 रन की दरकार थी। मगर नाबाद लौटे दिनेश कार्तिक (33) और क्रुणाल पांड्या (26) अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके।

पहली गेंद पर दिनेश कार्तिक ने बाउंड्री के पास गेंद मारकर दो रन बटोरे, लेकिन अगली गेंद पर कोई रन नहीं बना। ओवर की तीसरी गेंद पर भी कोई रन नहीं बन पाया। इस तरह अब भारत को तीन गेंदों में 14 रन की दरकार थी। चौथी गेंद में कार्तिक एक ही रन बना पाए। इस तरह आखिरी दो गेंदों में अब 13 रन चाहिए थे। मगर पांचवीं गेंद पर क्रुणाल पांड्या एक ही रन बना सके। छठी गेंद वाइड हुई। इसके बाद फेंकी गई अगली और आखिरी बॉल पर दिनेश कार्तिक ने छक्का मारा, इस तरह भारत आखिरी ओवर में केवल 11 रन बना सका और चार रन से मैच हार गया।

वैसे एक समय भारत के हाथ से मैच फिसलता हुआ नजर आ रहा था। भारत को जीत के लिए आखिरी चार ओवर में 58 रन की जरूरत थी। मगर भारतीय शेरों ने अंत तक हिम्मत नहीं हारी। इसके पहले भारत ने न्यूजीलैंड को पांच मैच की वन-डे सीरीज में 4-1 से मात दी थी।

इसके पहले भारतीय टीम ने पहले ही ओवर में शिखर धवन (5) के रूप में पहला झटका खाया। धवन का एक बेहतरीन कैच स्पिनर मिचेल सैंटनर की गेंद पर डेरिल ने लपका।

इसके बाद नए बल्लेबाज विजय शंकर ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ मिलकर पारी को पहले संभाला फिर तेज गति के साथ रन बनाना शुरू किया। रनरेट बढ़ाने के चक्कर में विजय सैंटनर की गेंद में ग्रैेंडहोम द्वारा लपके गए। आउट होने से पहले उन्होंने 28 गेंदों में 43 रन (5 चौके- 2 छक्के) बनाए।

सेंटनर के आउट होने के बाद क्रीज पर युवा बल्लेबाज रिषभ पंत ने मोर्चा संभाला। पंत ने आते ही कीवी गेंदबाजों पर हमला कर दिया। उन्होंने सिर्फ 12 गेंदों पर एक चौके और तीन छ्क्कों की मदद से 28 रन बनाए। पंत टिकनर की फुलटॉस गेंद पर अपना कैच मिड विकेट पर खड़े विलियमसन को दे बैठे।

पंत के बाद टीम इंडिया की बल्लेबाजी का मुख्य स्तम्भ कप्तान रोहित शर्मा भी 38 रन के स्कोर पर मैदान छोड़ गए। पारी में तीन चौके लगाने वाले हिटमैन रोहित शर्मा मिशेल की गेंद पर बल्ले का किनारा लगा बैठे और गेंद सीधे विकेटकीपर सीफर्ट के दस्तानों में चली गई। इसी के साथ भारत के चौथे विकेट का पतन हुआ।

इसके बाद छक्के से पारी का आगाज करने वाली हार्दिक पांड्या भी इस जंग को बहुत देर तक जारी नहीं रखे सके। पांड्या सिर्फ 11 गेंदों पर एक चौके और दो छक्कों की मदद से 21 रन बनाकर आउट हो गए। कगलीजन ने विलियमसन के हाथों कैच आउट करवाया।

पांड्या के बाद विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएस धोनी भी सिर्फ दो रन बनाकर मिशेल का शिकार हो गए। मिशेल की गेंद पर टिम साउदी ने लॉन्ग ऑन पर उनका कैच पकड़ा।

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