कम आयु में हार्ट अटैक की बीमारियां बढ रही है डा.अमित महता

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हिसार। आज कल पाया गया है कि कम आयु में हार्ट अटैक की बीमारिया बढ रही है इसलिए कम आयु के लोगों में हदृय की बीमारी के कारण टैंशन, तनाव ग्रस्त जीवन, अधिक मात्रा में मदिरा का सेवन करना है जिसके कारण हदृय रोग बढ रहे है।
यह जानकारी सुखदा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के डारेक्टर डा. अमित महता व डीएम कोर्डियोलोजिस्ट अंकुर कुमार ने वल्र्ड हार्ट के उपलक्ष्य में प्रैस वार्ता में दी। उन्होंंने बताया कि साल 2018 में 33 प्रतिशत लोगों की हार्ट अटैक या ब्रेन अटैक यानी स्ट्रोक पैरा लाइसिस की वजय से हुई जिसमें पाया गया भारत में हदृय घात की वजय से होने वाले नुक्सान में पहले नंबर पर हरियाणा है लेकिन भारत में कई कारणों की वजय से यह बीमारी कम आयु में शुरु हो जाती है। डा. अंकुर कुमार ने बताया कि यहां 50 प्रतिशत हार्ट अटैक के मामले में 50 वर्ष से काम आयु में 25 प्रतिशत हार्ट अटैक 40 वर्ष की कम आयु में 25 से 35 वर्ष के लोगों को इस बीमारी ने नही छोडा है पिछले ढाई साल के अंतराल में अस्पताल में देखा कि कार्डियों के 40 वर्ष से कम वयस्क मरीजों की संंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है पिछले माह में एक ऐसा मरीज देखा जो कि ग्रामीण परिवेश का था और उसकी आयु 23 वर्ष थी। यह मरीज उनके पास छाती में दर्द की शिकायत लेकर आया था जब जांच की तो पता चला हार्ट अटैक की बीमारी से ग्रस्त था बाद में उसकी एजिन्यों प्लास्टी की गई यह मरीज स्मोकर था इस मरीज के परिवार में बहुत लोग  हदृय से पीडित थे। चिकित्सकों के अनुसार मरीजों का आकडा देखा जाए तो 25 प्रतिशत मरीज हमार कार्डियों डिमाटमैंट में 40 वर्ष से कम है। सभी मरीजों में कोमन बात नजर आती है वह है धु्रमपान करना या टैंशन लेना। कम आयु के हदृय लोगों में हदृय की बीमारी होना यह हमारे लिए आश्चार्य की बात है कि बल्लि पूरे सोसायटी के लिए दुखद अहसास है। डा. अमित महता व ने पत्रकारों को बताया कि कम आयु के लोगों में हदृय की बीमारी के कारण टैंशन, तनाव ग्रस्त जीवन, अधिक मात्रा में मदिरा का सेवन करना है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर यह उनकी जिम्मेवारी है कि सोसायटी को अवगत करा सके कि हदृय की बीमारियों से कैसे बचा जा सकता है और इसके बचाव के लिए कुछ जांच इत्यादि जल्द से करवानी चाहिए और समय रहते उचित ईलाज किया जा सके। हार्ट अटैक बढने का कारण हमारे नए जमाने की जीवन शैली है देश के युवाओं में फैले लाइफ स्टाइल डिस्आडर के लिए पांच कारण जीवन में तनाव, खान पान की गलत आदत, समोकिग व तम्बाकू का सेवन शराब की लत आराम परस्त जीवन यानी कम्यूटर इलैक्ट्रोनिक उपकरणों से संबंधित काम के लिए देर तक बैठना है तथा पर्यावरण के प्रदूषण के कारण पर भी पूरा असर पड रहा है प्रदूर्षण से नाक काम गले या फेफडों के रोग होते है लेकिन अब यह माना जाता है कि रक्त धवनियों को नुक्सान कर उसमें क्लाटिंग बढता है। जो लोग लंबी आयु जीना चाहते है शरीर के लिए कुछ समय निकालान जरुरी है नियमित व्यायाम करना, संतुलित आहार लेना, तनाव मुक्त जीवन शैली को अपनाना, तंबाकू का सेवन छोडना जरुरी है।

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