कृषि मंत्री ओपी धनखड़ की कर्मठता का होगा स मान, आज मिलेगा फार्मिंग लीडरशिप अवार्ड

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झज्जर, समाचार क्यारी, संजय शर्मा /रवि कुमार “- हरियाणा के किसानों और कृषि की बेहतरी के लिए  दिन-रात कर्मठता से कार्यरत खेती-बाड़ी मंत्री औमप्रकाश धनखड़ को उनकी कर्मठता के लिए एक और पुरस्कार वीरवार को मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों प्रदेश में शानदार कार्य से कृषि कर्मणता पुरस्कार पा चुके ओपी धनखड़ को जनता ने भी पुरस्कारों से नवाजा है। निरंतर कर्मठता से कार्य कर रहे ओपी धनखड़ के इस सरकार में पौने पांच साल के कार्य किसी से छिपे नहीं हैं जिसके लिए उन्हें स ाान मिल रहा है। हालॉंकि कृ षि मंत्री औमप्रकाश धनखड़ कहते हैं कि वे काम कृ षि और किसानों की बेहतरी के लिए काम करते हैं पुरस्कारों के लिए नहीं। उन्हें जो पुरस्कार मिले वे उनका नहीं बल्कि हरियाणा की जनता का स मान है। वर्ष 2014 में हरियाणा में जब भाजपा की सरकार बनी तो कृषि मंत्री का काम औमप्रकाश धनखड़ के जि मे आया। विपक्ष में रहते हुए भाजपा के किसान मोरचा के अध्यक्ष के नाते किसानों की आवाज बुलंद करने वाले ओपी धन ाड़ को यह अच्छे से पता था कि किसान किन परेशानियों से गुजरते हैं। इसीलिए पहले ही दिन से उन्होंने कर्मठता के साथ किसानों के लिए काम किया। किसानों के लिए ऐसी योजनाएं बनाने पर बल दिया जिससे अधिक से अधिक लाभ किसानों को मिल सके। ये उनकी सोच है कि वे हर खेत को जोखिम फ्री करना चाहते हैं। इसलिए सबसे आपदा प्रबंधन के तहत किसानों की फसल का मुआवजा 6 हजार प्रति एकड़ से बढ़ाकर सीधे दोगुना यानि 12 हजार प्रति एकड़ किया। जिसके चलते हरियाणा के किसानों की जेब में चार साल में कोई 27 सौ करोड़ से भी अधिक मुआवजा पहुंचा। न्यूनतम मुआवजे की राशि भी पांच सौ रूपये करवाई जबकि बीमा योजना से भी किसानों को 1846 करोड़ का मुआवजा मिला। कर्मठता के सिपाही के तौर पर काम करने वाले कृषि मंत्री औमप्रकाश धनखड़ ने कृषि  के साथ सिंचाई मंत्रालय भी संभाला था। योजना पर तेजी से काम किया और प्रदेश की 300 से अधिक टेल पर पानी पहुंचाकर गजब काम किया। जो लोग पानी के नाम पर राजनीति करके सत्ता में आए थे वे अपने कार्यकाल में अपने झज्जर-रोहतक में टेल पर पानी नहीं पहुंचा पाए, मगर ओपी धनखड़ ने इन जिलों सहित राज्य की 300 टेल तक पानी पहुंचाने की पहल की।   गौरतलब है कि पिछले इस कार्यक ाल में कृषि के साथ पंचायत मंत्री के नाते भी शिक्षित, सक्षम  और समर्थ पंचायतों को बनाया। प्रदेश के ग्रामीण इलाके को खुले में शौच से मुक्ति निर्धारित समय से पहले दिलाई। स्वच्छता के क्षेत्र में देश में हरियाणा को पुरस्कार दिलाया। छोटे स्वामीनाथन के रूप में लोकप्रियता पाने वाले ओपी धनखड़ ने फसलों के दामों को बढ़वाने के लिए क्या कुछ नहीं किया। वर्तमान में गृह मंत्री और भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह बाकायदा हरियाणा में मंच से धनखड़ के इस प्रयास की सराहना करके गए। फसलों की अच्छी तरह खरीद, उनके दामों में वृ़द्धि, गन्ने का सबसे अधिक भाव सहित अन्य किसान हितैषी योजनाओं को लागू करने के कारण हरियाणा के किसानों ने उन्हें किसान बंधु की उपाधि दी। किसानों को स ाान निधि देने में केंद्र के साथ हरियाणा ने 6 हजार की घोषणा  की। अच्छी खेती और सफल किसानी के चलते हरियाणा के किसानों ने देश में पहली बार 12 किसानां को पद्म श्री और कृषि रत्न पुरस्कार मिले। देश के 25प्रतिशत पुरस्कार अकेले हरियाणा की झोली में आए। हरियाणा में कृषि रत्न पुरस्कार की शुरूआत की और 63 किसान ये स मान पा चुके हैं।
औमप्रकाश धनखड़ ने ही इन पौने पांच सालों में बागवानी विश्वविद्यालय से बागवानी गांव तक बनवाए।  एग्रीलीडरशिप समिट की, श्रेष्ठ पशुधन मेले आयोजित कर पशुपालकों को बढ़ावा दिया। उद्यमशील खेती के अलावा, किसानों को मार्किटिंग के गुर सिखाने तक की योजनाओं को मूर्त रूप दिया है। गौसेवा आयोग के गठन उसे सुदृढ करने, देसी गायों को बढ़ावा देने, प्रति पशु दूध का उत्पादन को बढ़ावा देेने हेतु हर वर्ष करोडों के पुरस्कार, हर खेत  को पानी, सूक्ष्म पानी योजना और मत्स्य पालन सहित कृषि और किसानों से जुड़े सभी साधनों को किसानों के हित में साधने का काम किया। उनके इन कामों के अलावा लंबी फेहरिस्त है जिन कामों से हरियाणा की कृषि क्षेत्र में पहचान बनी है। किसान एनसीआर को अपना मार्किट बनाकर लाभ कमा रहा है। सैकड़ों कार्यों के कारण हरियाणा के कृषि मंत्री औमप्रकाश धन ाड़ को एग्रीकल्चर टुडे गु्रप के 9 वें  एग्रीकल्चरण लीडरशिप कनक्लेव एंड अवार्ड कार्यक्रम में स मान प्रदान किया जाएगा। दिल्ली के होटल ताज पैलेस में 11 जुलाई यादि वीरवार को ओ पी धनखड़ ये पुरस्कार ग्रहण करेंगे।

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