समर्थन वापिस लेने की चुनौती पर बिफरीं मायावती

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समाचार क्यारी,  राजेश कुमार:- अलवर बलात्कार मामले में प्रधान मंत्री मोदी ने मायावती को चुनौती दी की यदि वह सच में दलित हितैषी हैं तो राजस्थान में कांग्रेस को जो समर्थन दीं हुयी हैं उसे वापिस लेलें। इस चुनौतीको मायावती ने अपने आप पर ओर अपनी दलित प्रेम की नीतियों पर प्रत्यक्ष चोट माना और बौखलाहट में मायावती ने कहा, ‘पीएम मोदी ने कल जो यहां नकली दलित प्रेम दिखाने की ड्रामेबाजी की है, उससे चुनाव में कुछ हासिल होने वाला नहीं है. अभी सहारनपुर कांड को लोग भूले नहीं हैं. हैदराबाद में रोहित वेमुला के साथ क्या हुआ और गुजरात में दलितों के साथ जितने उत्पीड़न क मामले सामने आए, वह किसी से छिपा हुआ नहीं है. उत्तर प्रदेश में भी हर रोज दलित उत्पीड़न हो रहा है इस पर चुप्पी साधे हुए हैं.’ मायावती इतना बौखला गईं की उनके छद्म कांग्रेस विरोध का पर्दाफाश हो गया अब वह कुच्छ भी कहेंगी, जिसका आने वाले चुनावों पर पूरा पूरा असर होगा। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने उन्हें आड़े हाथों लिया है. सोमवार को मायावती ने कहा, ‘पीएम मोदी ने कल जो यहां नकली दलित प्रेम दिखाने की ड्रामेबाजी की है, उससे चुनाव में कुछ हासिल होने वाला नहीं है. अभी सहारनपुर कांड को लोग भूले नहीं हैं. हैदराबाद में रोहित वेमुला के साथ क्या हुआ और गुजरात में दलितों के साथ जितने उत्पीड़न क मामले सामने आए, वह किसी से छिपा हुआ नहीं है. उत्तर प्रदेश में भी हर रोज दलित उत्पीड़न हो रहा है इस पर चुप्पी साधे हुए हैं.’

‘यूपी में दलित उत्पीड़न पर चुप क्यों हैं पीएम?’
बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि जिन बीजेपी शासित राज्यों में दलित उत्पीड़न हुए वहां मुख्यमंत्रियों से इस्तीफे क्यों नहीं लिए गए. इन सब मामलों में नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए कभी भी इस्तीफे की पेश नहीं की गई. अलवर में हुई दलित उत्पीड़न की घटना को लेकर पीएम मोदी चुप थे, लेकिन मेरे बोलने के बाद अब चुनाव में घृणित लाभ लेने की कोशिश का रहे हैं.

‘पीएम मोदी गरीब होने का नाटक कर रहे हैं’
उन्होंने कहा कि ये क्या बात करेंगे, ये अपनी ख़राब हुई राजनीतिक स्थिति को देखते हुए आये दिन अपना जाती बदल रहे हैं. अब अपनी जाती गरीब बता रहे हैं. गरीब की कभी चिंता नहीं की और 15 लाख रुपए अकाउंट में डालने की बात को जुमलेबाजी कहके पल्ला झाड़ रहे हैं. नोटबांडी करके गरीबों को परेशान किया. पीएम मोदी न तो गरीब हैं न फ़कीर हैं. गरीब होने का नाटक कर रहे हैं, ताकि इन्हें वोट मिल सके.

‘जन्मजात अति पिछड़ी जाति से नहीं हैं पीएम मोदी’
मायावती ने कहा कि पीएम मोदी अपने को अति पिछड़ी जाती का बताते हैं. वास्तव में ये जन्मजात पिछड़ी जाती के नहीं हैं. इन्होंने गुजरात में अपने शासन में अपनी जाती को पिछड़े वर्ग में शामिल करा लिया है, क्योंकि अगर ये दलित होते तो दलितों के बंगले इनको अखरते नहीं. इन्हें अखरता है कि दलित बंगले में कैसे रह रहा है. वैसे अब इनके कुछ ही दिन बचे हैं. अपनी मन मर्यादा टाक पर रख दी है.

‘मैं झांसे में नहीं आई तो तीखे हमले करने लगे पीएम मोदी’
बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि इस बार बीजेपी और पीएम मोदी को केंद्र की सत्ता से बहार रखना होगा. इन्होंने गठबंधन तोड़ने की कोशिश की और मुझे आदरणीय बहन मायावती जी पुकारे और जब मैंने मुहतोड़ जवाब दिया तो अब बुआ-बबुआ पर उतर आये. जो संस्कारी लोग हैं वो पूरे सम्मान के साथ मुझे बहनजी पुकारते हैं और मेरे माता पिता भी मुझे बहनजी बुलाते हैं और अखिलेश जी मुझे बहन जी ही बुलाते हैं. लोगों को मोदी जी के दोहरे चरित्र से सावधान रहना चाहिए.

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