हाई अलर्ट पर पुलिस

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चंडीगढ : हरियाणा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मनोज यादव ने प्रदेश के लोगों से भारी संख्या में अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर लोकतंत्र के उत्सव में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि वे 12 मई को बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होनें कहा कि हरियाणा पुलिस के मुखिया के तौर पर मैं सभी को आश्वस्त करता हूं कि हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदेष में आम संसदीय चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और घटना-मुक्त तरीके से संपन्न करवाने के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गये हैं।

डीजीपी ने लोकसभा की 10 सीटों के लिए कल होने वाले चुनाव के लिए पुलिस द्वारा किये गए सुरक्षा के कड़े इंतजामों की जानकारी देते हुआ बताया कि चुनाव में 1 करोड 80 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कानून व्यवस्था को बिगाडने व मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सीनियर पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिसबल राज्य भर में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेगा।

शांतिपूर्ण व घटना-मुक्त मतदान सुनिश्चित करने हेतू पुलिस प्रबंधों की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था), नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि सभी रेंज एडीजीपी व आईजीपी, पुलिस आयुक्त तथा जिला पुलिस अधीक्षक मतदान के दिन अपने संबंधित क्षेत्रों में सुबह 6 बजे से गश्त शुरू करेंगे और सायं मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक फील्ड में रहेंगे। अंतर-राज्यीय सीमाओं को 11 मई सायं 5 बजे से पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा ताकि असामाजिक तत्वों, शराब आदि की आवाजाही पर पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके क्योंकि इनका इस्तेमाल मतदान के दिन बूथ कैप्चरिंग और हिंसा के लिए किया जा सकता है।

श्री विर्क ने कहा कि मतदान के दिन अवैध गतिविधियों पर पूर्ण रुप से षिकंजा कसने के लिए होटल, सराय या अन्य जगह जिनका उपयोग बाहरी लोगों के ठहरने के लिए किया जा सकता है पर चेकिंग बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए संबंधित प्राधिकरणों की मदद से विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के छात्रावासों की निगरानी भी की जा रही है। श्री विर्क ने कहा कि चुनाव ड्यूटी में लगे सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे शराब ठेकों की विशेष जांच करना सुनिश्चित करें, क्योंकि बंद होने के बावजूद भी संचालक कई बार पीछे की खिड़कियों को खुला रखते हैं।

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